करौली में श्रावणी तीज के अवसर पर प्रसिद्ध मदनमोहनजी मंदिर में विशेष झूला झांकी का आयोजन हुआ। राधा-मदनमोहनजी और गोपालजी के विग्रहों को गर्भगृह से बाहर जगमोहन में चांदी के विशाल हिंडोलों में विराजमान कराया गया। आकर्षक श्रृंगार और विशेष पोशाक में सजे आराध्य देव के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। श्रावणी तीज पर मंदिर में राधा-मदनमोहनजी का अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद विग्रहों को चांदी के हिंडोलों में विराजमान कराया गया। मंदिर परिसर में झूला झांकी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। साल में केवल 2 बार होते है हिंडोला झांकी के दर्शन
मदनमोहनजी मंदिर में हिंडोला झांकी के दर्शन साल में केवल 2 अवसरों पर होते हैं। श्रावणी तीज और धूलंडी पर होने वाले इन विशेष दर्शनों की परंपरा रियासत काल से चली आ रही है।
श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए मंदिर में दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग आराध्य देव के दर्शन के लिए पहुंचते रहे। अन्य मंदिरों में भी झूला झांकी सजाई
श्रावणी तीज पर करौली शहर के अन्य मंदिरों में भी झूला झांकी सजाई गई। गोविंद देवजी मंदिर, गोपीनाथजी मंदिर, नवल बिहारीजी मंदिर, सीतारामजी मंदिर और गोमती आश्रम सहित विभिन्न मंदिरों में भगवान को हिंडोलों में विराजमान कर विशेष झांकी सजाई गई। मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान के झूला झांकी दर्शन किए। यातायात व्यवस्था में किए गए बदलाव
करौली। श्रावणी तीज पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। बड़ा बाजार से सदर बाजार और फूटाकोट की ओर जाने वाले दोपहिया वाहनों का प्रवेश रोका गया। वहीं परकोटे के अंदर तिपहिया और चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई।
Source link

