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Jammu-Kashmir Weather: रात भर बादल छाए रहने की वजह से पूरी घाटी में रात का तापमान बढ़ गया. इस मौसम में पहली बार श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि गुलमर्ग और पहलगाम में क्रमशः माइनस 1.5 डिग्री और 2.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा.
Jammu-Kashmir Weather: कश्मीर में ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के चलते न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अधिकारियों के मुताबिक रविवार को श्रीनगर में इस सर्दी की अब तक की सबसे गर्म रात रही. मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को श्रीनगर का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री अधिक है. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब कश्मीर में ‘चिल्लई-कलां’ यानी 40 दिन की सबसे कड़ी सर्दी का दौर जारी है. इस दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी हिस्सों में बारिश से घाटी के लोगों को लंबे सूखे के बाद राहत मिली है.
स्थानीय मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में बादल छाए रहने की वजह से रात के तापमान में इजाफा हुआ है. बादलों की चादर ने ठंड को कुछ हद तक कम किया, जिससे न्यूनतम तापमान ऊपर चला गया. उत्तर कश्मीर के गुलमर्ग में हालांकि तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया. यहां न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस समय के सामान्य तापमान से करीब 5 डिग्री अधिक है. गुलमर्ग कश्मीर का एकमात्र मौसम केंद्र रहा, जहां तापमान शून्य से नीचे गया.
बारिश और बर्फबारी का अनुमान
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम सहित अन्य मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस से 3.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है. अधिकारियों का कहना है कि यह मौसम बदलाव जल संसाधनों के लिहाज से फायदेमंद है और इससे ठंड के इस कठिन दौर में लोगों को कुछ राहत मिलेगी.
कश्मीर में चिल्लई कलां की शुरुआत
कश्मीर की ऊंची पहाड़ियों में इस मौसम की पहली बर्फबारी और घाटी के मैदानी इलाकों में बारिश हुई. यह 40 दिनों की कड़ाके की ठंड के पहले दिन की शुरुआत है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘चिल्लई कलां’ कहा जाता है. लगभग तीन महीने से चला आ रहा सूखा रविवार को खत्म हो गया, जब बारिश और बर्फबारी ने हवा से सभी सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर को धो दिया, जिससे सांस लेना सुरक्षित और आसान हो गया. लोगों ने मौसम की पहली बर्फबारी और बारिश से राहत की सांस ली. शहर और कस्बों में हवा साफ हो गई.
कश्मीर में चिल्लई कलां की शुरुआत
कश्मीर की ऊंची पहाड़ियों में इस मौसम की पहली बर्फबारी और घाटी के मैदानी इलाकों में बारिश हुई. यह 40 दिनों की कड़ाके की ठंड के पहले दिन की शुरुआत है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘चिल्लई कलां’ कहा जाता है. लगभग तीन महीने से चला आ रहा सूखा रविवार को खत्म हो गया, जब बारिश और बर्फबारी ने हवा से सभी सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर को धो दिया, जिससे सांस लेना सुरक्षित और आसान हो गया. लोगों ने मौसम की पहली बर्फबारी और बारिश से राहत की सांस ली. शहर और कस्बों में हवा साफ हो गई.
गुलमर्ग के स्की रिजॉर्ट और सोनमर्ग हिल स्टेशन में पहली बर्फबारी
गुलमर्ग के स्की रिजॉर्ट और सोनमर्ग हिल स्टेशन पर भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई. बर्फ न होने की वजह से क्रिसमस और नए साल के जश्न के फीके रहने की चिंता कर रहे लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि गुलमर्ग और दूसरे हिल स्टेशनों पर भरपूर बर्फबारी के बीच नए साल का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में टूरिस्ट आएंगे. जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में मौजूद सभी बारहमासी पानी के जलाशय चिल्लई कलां के दौरान भारी बर्फबारी से भर जाते हैं.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

