राजस्थान के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में आगामी 28 अक्टूबर को ‘विशेष अभियान-6’ के तहत ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) के प्रबंधन और इसके सही निस्तारण को लेकर जागरूक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने इस संबंध में सभी शिक्षा अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, 28 अक्टूबर को स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा की थीम ‘ई-वेस्ट मैनेजमेंट’ रखी जाएगी। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को इलेक्ट्रॉनिक कचरे जैसे- पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, बैटरी आदि के नुकसान, इसके सुरक्षित निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका समझाने के लिए प्रश्नोत्तरी (क्विज) और अन्य गतिविधियां कराई जाएंगी। खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को करेंगे इकट्ठा
इस अभियान के तहत स्कूलों में पड़े अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को इकट्ठा किया जाएगा और उन्हें अधिकृत रिसाइकलर्स या रिफर्बिशर्स को सौंपा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ई-वेस्ट के गलत निस्तारण से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोकना और कचरा प्रबंधन के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना है। शिक्षक संघ रेसटा ने कहा- पर्यावरण के लिए अभियान जरूरी
शिक्षक संघ ‘रेसटा’ के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि ई-वेस्ट प्रबंधन आज के समय की बड़ी जरूरत है। खराब मोबाइल, कंप्यूटर और बैटरियों का सही निस्तारण न होने से मिट्टी और पानी दूषित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को केवल जानकारी देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें इसके सही संग्रहण और रिसाइकलिंग की व्यावहारिक जानकारी देना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। पोर्टल पर अपलोड होगी रिपोर्ट और फोटो
अभियान के तहत आयोजित सभी गतिविधियों की रिपोर्ट 28 अक्टूबर को ही ‘इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ’ पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में जमा करनी होगी। इसके साथ ही गतिविधियों के प्रमाण के रूप में जियो-टैग लोकेशन वाली फोटो भी पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यह अभियान केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना है।
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