‘छोटी सी नाव थी, जो ओवरलोड हो गई थी। मेरे पति और बेटी भी नाव पर थे। ओवरलोड होने के कारण नाव में पानी भर गया था। धीरे-धीरे नाव गंगा में समाने लगी। मेरे सामने पति और बेटी गंगा में डूब रहे थे। पति नाव के नीचे फंस गए थे। मैं उन्हें बचाने जा रही थी, पर अन्य लोगों ने मुझे पति के पास जाने नहीं दिया। मेरे सामने मेरा सुहाग उजड़ गया। पति सोगराथ महतो की लाश मिली। बेटी तैरकर किनारे तक पहुंच गई।’ बेगूसराय में ये बातें मन्नुता देवी (45) ने बताई है। जो नाव हादसे में खुद भी डूब गईं थी, पर नाव सवार ग्रामीणों ने इन्हें सहारा दिया था।’ दरअसल, बेगूसराय में बुधवार की देर शाम गंगा नदी में नाव डूब गई थी। नाव की क्षमता 15 लोगों की थी, पर उसपर 35 लोग सवार हो गए। हादसे में 2 लापता हो गए थे, दोनों की लाशें गुरुवार को मिली है। मृतकों में चमथा पंचायत-1 के चमथा रजौली गांव निवासी मेघू महतो के बेटे सोगारथ महतो (50) और हरदेव महतो की बेटी रीना कुमारी उर्फ रावो (12) है। बछवाड़ा थाना क्षेत्र स्थित चमथा रजौली दियारा में घटना हुई थी। पीड़ित परिवार ने बताई आंखोदेखी, कैसे हुआ नाव हादसा, ग्रामीणों में क्या है आक्रोश, क्या है मांगें, पढ़ें रिपोर्ट… कुछ तस्वीरें… एक के कूदने के बाद नाव झूकी, फिर पानी भर गया मन्नुती देवी कहतीं हैं कि हमलोग दियारा में परवल की खेती और मजदूरी करते हैं। उसी से हमारा घर चलता है। खेती-मजदूरी के बाद हम लौट रहे थे। नाव ओवरलोड हो गई तो हमलोगों ने आपत्ति भी की थी। मना किया था कि छोटी नाव पर इतने लोग न बैठें, पर किसी ने सुनी नहीं। नाव करीब 200 मीटर आगे बढ़ी थी। पानी की गहराई ज्यादा थी। इस दौरान नाव में हलचल होने लगी। एक लड़का डर के कारण नाव से कूद गया। जिसके बाद नाव एक तरफ से झूक गई थी। तब नाव में पानी भरने लगा और धीरे-धीरे नाव पानी में बैठती चली गई। ‘मेरे सामने बेटी नदी में डूबी, कुछ न कर सकी’ हरदेव महतो की पत्नी बबीता देवी (40) कहती हैं कि मैं और मेरी बेटी नाव पर थे। हमलोग बिचली दियारा से लौट रहे थे। मैं नाव के पिछले हिस्से में थी और मेरी बेटी नाव के आगे वाले हिस्से में बैठी हुई थी। नाव आगे वाले हिस्से से ही झूकने लगी थी। मैं बेटी को बचाने के लिए पानी में कूदने वाली थी, पर मुझे सबने पकड़ कर रखा था। मैंने बोला मुझे छोड़ दीजिए, मेरी बेटी पानी में डूब रही है। पर सब कहने लगे कि बीटिया पानी में डूब गई है, तुम बचाने जाओगी तो तुम भी डूब जाओगी। ये सब कहकर किसी ने मुझे आगे नहीं जाने दिया। मेरी आंखों के सामने बेटी नदी में समां गई। बाकी लोगों ने मुझे सहारा देकर नदी के किनारे तक लाया। हादसे के अगले दिन बेटी की लाश मिली है। ‘डर लग रहा था, पर जान बचान के लिए कूद गई’ नाव पर सवार मासूम बच्ची करीना ने भी हादसे के बारे में बताया। करीना ने कहा कि नाव जब डूबने लगी तो मैं काफी डर गई थी। सब लोगों को देखा कि अपनी-अपनी जान बचाने के लिए पानी में कूद रहे हैं। इसके बाद मैंने भी नदी में छलांग लगा दी। मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था। तैरते हुए मैं नदी के उस हिस्से में पहुंच गई जहां पानी की गहराई कम थी। वहां एक खंभा था मैंने उसे पकड़ लिया। किसी तरह मैंने अपनी जान बचाई। ‘मैं लखनऊ से पहुंच गया, पर विधायक-सांसद नहीं आएं’ ग्रामीण रौशन कुमार ने कहा कि हादसे वाले दिन मैं लखनऊ में था। मुझे पता चला कि गांव में 2 की जान चली गई है तो मैं गुरुवार को गांव पहुंचा। विडंबना है कि मैं आम इंसान होकर लखनऊ से यहां पहुंच गया, पर स्थानीय विधायक और सांसद नहीं आए। उन्होंने जरूरत नहीं समझी कि दुखी लोगों से जाकर मिले। उनका दर्द समझें। गांव के बाहर के लोग मदद के लिए आ रहे हैं, पर जनप्रतिनिधि कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश और सवाल ग्रामीण रामजतन पासवान और राकेश कुमार ने कहा कि चमथा रजौली के लोगों को अपनी आजीविका, खेती-किसानी और मजदूरी के लिए हर दिन जान जोखिम में डालकर गंगा पार बिचली दियारा जाना पड़ता है। दियारा क्षेत्र में आवागमन के लिए किसी पक्के पुल या सुरक्षित यातायात के साधन की कोई व्यवस्था नहीं है। चुनाव के समय कई बार पुल निर्माण के शिलान्यास और वादे तो किए गए, लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद जनप्रतिनिधि और विधायक दियारा के लोगों की सुध लेने नहीं आते। ग्रामीणों के अनुसार यदि समय रहते आवागमन की व्यवस्था की गई होती, तो आज दो लोगों को जान नहीं गंवानी पड़ती। ग्रामीणों ने मांग की है कि उचित मुआवजा दी जाए। दियारा क्षेत्र में पुल का निर्माण कराया जाए। जिससे भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। NDRF-SDRF की टीम ने बरामद की लाशें दरअसल, बेगूसराय में बुधवार शाम नाव हादसे के बाद दो लोग लापता हो गए थे। बुधवार शाम में ही एसडीआरएफ की टीम पहुंच गई थी, पर अंधेरा होने के कारण बुधवार को दोनों की तलाश नहीं हो पाई थी। गुरुवार को सुबह हुई तो एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई। इसके बाद सर्च अभियान चलाया गया। गुरुवार दोपहर लापता दो लोगों की लाशें मिली।
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