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सावन के पावन महीने में पूजा-पाठ और व्रत-त्योहारों की रौनक हर घर में नजर आती है. ऐसे शुभ मौके पर अगर घर पर कुछ खास और पारंपरिक मिठाई बनाई जाए, तो त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है. खंभात की मशहूर देसी मिठाई हलवासन ऐसी ही एक रेसिपी है, जो न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है. दूध, दलिया, घी, खांड और मेवों से बनी यह मिठाई बाजार की मिलावटी मिठाइयों से कहीं बेहतर विकल्प है.
सावन का महीना आते ही घरों में पूजा-पाठ, व्रत और त्योहारों की धूम मच जाती है. ऐसे मौके पर अगर कुछ मीठा और खास बनाया जाए तो त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है. खंभात की मशहूर मिठाई हलवासन घर पर बनाना बेहद आसान है. साथ ही ये बाजार की मिलावटी मिठाइयों से भी आपको बचाती है.

हलवासन बनाने के लिए आपको चाहिए फुल क्रीम दूध, दलिया, घी, खांड, ब्राउन शुगर, गोंद, बादाम, काजू, इलायची पाउडर और जायफल पाउडर. सभी सामग्री ताजी और शुद्ध होनी चाहिए ताकि मिठाई का स्वाद बढ़िया आए.

एक भारी तले के बर्तन में दूध को उबालें. जब दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए, उसमें दलिया डालें और लगातार चलाते हुए पकाएं. दलिया धीरे-धीरे दूध में गलकर गाढ़ा मिश्रण तैयार कर देगा.

अब एक पैन में घी गर्म करें और उसमें गोंद को सुनहरा और कुरकुरा होने तक भून लें. जब गोंद फूल जाए तो उसे निकालकर ठंडा करें और हल्का दरदरा पीस लें.

पके हुए दूध और दलिया के मिश्रण में अब भुना हुआ गोंद और खांड डालें. इस मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक यह बर्तन को छोड़ने लगे और हलवा जैसा गाढ़ा हो जाए.

अब इसमें कटे हुए बादाम, काजू, जायफल और इलायची पाउडर मिलाएं. ये सब चीज़ें मिठाई को खास खुशबू और स्वाद देती हैं जिससे हलवासन और भी लाजवाब बनता है.

एक थाली में हल्का घी लगाएं और उसमें तैयार मिश्रण फैलाएं. इसे ठंडा होने दें ताकि यह अच्छे से जम जाए. जब जम जाए तो इसे मनचाहे आकार में काट लें.

हलवासन अब परोसने के लिए तैयार है. इसे एक सप्ताह तक एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित रखा जा सकता है. त्योहार पर जब मेहमान आएं, तो उन्हें इस खास देसी मिठाई से करें स्वागत — स्वाद और सेहत दोनों में भरपूर.

