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भारत में मिठाइयों की बात हो और लड्डुओं का जिक्र न हो, ऐसा कम ही होता है. त्योहार हो, शादी-ब्याह या घर में कोई खास मौका, लड्डू अक्सर मिठाई की थाली का हिस्सा होते हैं. बेसन और मोतीचूर के लड्डू तो आपने कई बार खाए होंगे, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में कई दूसरी किस्म के लड्डू भी बनाए जाते हैं. इनका स्वाद, बनाने का तरीका और इस्तेमाल होने वाली सामग्री इन्हें एक-दूसरे से अलग बनाती है. आइए जानते हैं ऐसे ही 7 लड्डुओं के बारे में, जिन्हें आप भी घर पर बनाकर चख सकते हैं.
तिल और गुड़ से बनने वाले लड्डू खासतौर पर सर्दियों और मकर संक्रांति के आसपास बनाए जाते हैं. इन्हें तैयार करने के लिए तिल को अच्छी तरह भूनकर गुड़ की चाशनी या पिघले हुए गुड़ में मिलाया जाता है. इसके बाद मिश्रण को हल्का ठंडा करके गोल आकार दिया जाता है. तिल का स्वाद और गुड़ की मिठास इन लड्डुओं को खास बनाते हैं. कुछ लोग इनमें मूंगफली या सूखे मेवे भी मिलाते हैं.
गोंद के लड्डू उत्तर भारत के कई घरों में पारंपरिक रूप से बनाए जाते हैं. इन्हें बनाने के लिए खाने वाला गोंद घी में तलकर फूलाया जाता है. इसके बाद इसमें आटा, गुड़ या चीनी और कटे हुए मेवे मिलाए जाते हैं. तैयार मिश्रण से गोल लड्डू बनाए जाते हैं. इनका स्वाद हल्का कुरकुरा होता है और घी व मेवों की खुशबू इन्हें खास बनाती है. कई परिवारों में इन्हें सर्दियों के दौरान बनाया जाता है.
दक्षिण भारत में उड़द दाल से बनने वाले लड्डू भी काफी पसंद किए जाते हैं. आंध्र प्रदेश में इन्हें सुन्नुंडालु के नाम से जाना जाता है. इन्हें बनाने के लिए उड़द दाल को भूनकर बारीक पीसा जाता है. फिर इसमें घी और चीनी या गुड़ मिलाकर लड्डू बनाए जाते हैं. इनका स्वाद दूसरे लड्डुओं से थोड़ा अलग होता है और इनमें भुनी हुई दाल की खास खुशबू आती है.
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बिहार और आसपास के इलाकों में सत्तू का इस्तेमाल कई तरह के व्यंजन बनाने में किया जाता है. इससे लड्डू भी तैयार किए जाते हैं. भुने चने के सत्तू में घी और गुड़ या चीनी मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है. चाहें तो इसमें बादाम, काजू या इलायची भी डाल सकते हैं. इसके बाद मिश्रण को गोल आकार दे दिया जाता है. इन लड्डुओं का स्वाद सत्तू की सोंधी खुशबू और गुड़ की मिठास से बनता है.
राजस्थान के चूरमा के लड्डू अपने पारंपरिक स्वाद के लिए मशहूर हैं. इन्हें बनाने के लिए गेहूं के आटे से बाटी या मोटी रोटी तैयार की जाती है. पकने के बाद इसे बारीक चूरा करके इसमें घी और गुड़ या चीनी मिलाई जाती है. कई लोग स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची और कटे हुए मेवे भी डालते हैं. फिर इस मिश्रण को गोल आकार दिया जाता है. राजस्थान में चूरमा के लड्डू दाल-बाटी के साथ भी खूब पसंद किए जाते हैं.
मूंगफली और गुड़ के लड्डू बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती. सबसे पहले मूंगफली को भूनकर उसका छिलका उतार लिया जाता है. इसके बाद इसे हल्का दरदरा कूटकर पिघले हुए गुड़ के साथ मिलाया जाता है. मिश्रण गर्म रहते ही इसके लड्डू बना लिए जाते हैं, क्योंकि ठंडा होने पर गुड़ सख्त हो सकता है. मूंगफली का कुरकुरापन और गुड़ की मिठास इन लड्डुओं को खास बनाती है. सर्दियों और मकर संक्रांति के मौके पर इन्हें कई घरों में बनाया जाता है.

