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सुप्रीम कोर्ट ने दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं के खतना पर चिंता जताई, कहा यह अनुच्छेद 25 के तहत स्वास्थ्य आधार पर प्रतिबंधित धार्मिक प्रथा हो सकती है.
सीजेई सूर्यकांत ने दाऊदी बोहरा समुदाय की महिलाओं के लिए नई उम्मीद जगा दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने दाऊदी बोहरा समुदाय के कुछ वर्गों में महिलाओं के खतना की प्रथा पर चिंता जताई और कहा कि यह प्रथा संविधान के तहत स्वास्थ्य के दायरे में आ सकती है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद-25 के तहत सार्वजनिक व्यवस्था और नैतिकता के अलावा स्वास्थ्य के आधार पर भी धार्मिक प्रथाओं एवं अनुष्ठानों को प्रतिबंधित किया जा सकता है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्ष वाली नौ जजों की संविधान पीठ ने महिलाओं के खतना की प्रथा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की.

