Friday, April 10, 2026
Homeदेशसुप्रीम कोर्ट से ममता तो कलकत्ता हाईकोर्ट से भाजपा को लगा झटका,...

सुप्रीम कोर्ट से ममता तो कलकत्ता हाईकोर्ट से भाजपा को लगा झटका, ED vs IPAC केस में कहां क्या हुआ?


Last Updated:

ED vs IPAC Raid: सुप्रीम कोर्ट ने ईडी के इस आरोप को ‘बेहद गंभीर’’ बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसकी जांच में बाधा डाली. इसके बाद अदालत ने ममता बनर्जी को नोटिस जारी किया. वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भाजपा को झटका लगा.

ममता बनर्जी और शुभेंदु अध‍िकारी की फाइल फोटो. (PTI)

ED vs IPAC Raid: ईडी बनाम आईपैक केस में 15 जनवरी 2026 का दिन अहम था. आईपैक रेड मामले में ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट से ममता बनर्जी को झटका लगा. आई-पैक छापेमारी केस में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की याचिका पर ममता बनर्जी और बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया. मगर उसी दिन उधर कलकत्ता हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई. कलकत्ता हाईकोर्ट से भाजपा को झटका लगा. भाजपा ने राज्य सचिवालय के सामने आंदोलन की अनुमति मांगी थी.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट यानी उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इस आरोप को गुरुवार को ‘‘बेहद गंभीर’’ बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसकी जांच में ‘बाधा डाली’. सुप्रीम कोर्ट ने इस बात की समीक्षा करने पर भी सहमति जताई कि क्या किसी राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​किसी गंभीर अपराध के मामले में केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं.

वहीं, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय नबान्न के सामने प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया जबकि उसे पास के बस स्टैंड पर धरना देने की अनुमति दे दी. राज्य सचिवालय में ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कार्यालय स्थित है. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के 50 विधायकों की भागीदारी के साथ होने वाले इस प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्यमंत्री द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में कथित हस्तक्षेप और ‘राज्य के सरकारी तंत्र के दुरुपयोग’ का विरोध करना है.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आठ जनवरी को कथित कोयला चोरी घोटाले के संबंध में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसर में की गई उसकी जांच और तलाशी अभियान में पश्चिम बंगाल सरकार, जिसमें बनर्जी भी शामिल हैं, द्वारा हस्तक्षेप और बाधा डालने का आरोप लगाया है.

सिलीगुड़ी से भाजपा विधायक व याचिकाकर्ता शंकर घोष ने हावड़ा शहर में नबान्न के सामने शुक्रवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्रदर्शन करने की अनुमति देने का अनुरोध किया. न्यायमूर्ति सुर्वा घोष ने हालांकि उन्हें सचिवालय के सामने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी. अदालत ने प्रदर्शन के लिये पास के मंदिरतला बस स्टैंड की जगह निर्धारित की है जो सचिवालय से करीब 600 मीटर दूर है.

About the Author

authorimg

Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें

homenation

ED vs IPAC केस: सुप्रीम कोर्ट से ममता तो कलकत्ता हाईकोर्ट से भाजपा को लगा झटका



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments