5 मिनट पहले
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कुछ रेस्टोरेंट मालिकों ने याचिका लगाई थी कि सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉनवेज फूड की बिक्री पर लगी पाबंदी हटाई जाए।
गुजरात हाईकोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के आसपास बिकने वाले नॉन-वेज खाने पर सरकार की लगाई रोक रद्द कर दी है। कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगाने की राज्य सरकार की मांग भी ठुकरा दी।
जस्टिस निशा एम ठाकोर की बेंच ने सरकार की दलील खारिज कर दी और प्रतिबंध को रद्द कर दिया। राज्य सरकार ने सोमनाथ मंदिर के आसपास नॉन-वेज खाना बेचने पर रोक लगाई थी।
कोर्ट ने माना कि कलेक्टर ने गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 33(1)(w) के तहत अपनी शक्तियों से बाहर जाकर एक वैध व्यापार पर स्थायी रोक लगा दी, जो असंवैधानिक है।
सरकार अब इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच या सुप्रीम कोर्ट में जा सकती है, लेकिन फिलहाल के लिए बैन खत्म है।
गुजरात सरकार ने अगस्त 2026 में नोटिफिकेशन जारी किया था कि सोमनाथ मंदिर के 500 मीटर दायरे और मंदिर जाने वाले 6 मुख्य रास्तों पर नॉनवेज बनाना-बेचना पूरी तरह बैन होगा।
7 रेस्टोरेंट मालिकों ने लगाई थी याचिका
इस फैसले के खिलाफ सोमनाथ के 7 रेस्टोरेंट मालिक हाईकोर्ट गए। उनका दावा था कि- हम 20-25 साल से लाइसेंस लेकर चल रहे हैं, लेकिन सरकार इसे जबरदस्ती बंद करवा दिया।
साथ ही एक व्यापारी को तो पुलिस चौकी में ले जाकर लिखवाया कि भविष्य में नॉन-वेज नहीं बेचेंगे। ये हमारे आर्टिकल 19(1)(g)- व्यापार करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
गुजरात सरकार की दलील- दुकान बंद नहीं करवाई
सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार के वकील जीएच विर्क दलील दी- “सोमनाथ सिर्फ बाजार नहीं है। 1.16 करोड़ श्रद्धालु 9 महीने में आते हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश, अमृतसर (स्वर्ण मंदिर), मथुरा-वृंदावन, अयोध्या में भी ऐसे बैन हैं और हाईकोर्ट ने उन्हें सही माना है। हम दुकान बंद नहीं करवा रहे, वे वेज बेच सकते हैं।”
सरकार का यह भी तर्क था कि अब सोमनाथ जिला नया बना है, एरिया बड़ा हो गया है। मंदिर का कॉरिडोर बना है, तो बैन का एरिया भी बढ़ाना जरूरी है।
इस पर याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सरकार हर बार पुराने ऑर्डर के ऊपर नया ऑर्डर लगाकर धीरे-धीरे पूरे सोमनाथ टाउन को ही वेज जोन बना रही है, बिना कोई नया कारण बताए।
नॉनवेज बैन से जुड़ी टाइमलाइन
- 2006 में पहला बैन: उस समय गिर-सोमनाथ जिला नहीं बना था। पुलिस ने आदेश दिया कि सोमनाथ मंदिर के 500 मीटर के दायरे में और मंदिर से बस स्टैंड तक जाने वाली सड़क पर अंडा, मांस, मछली बेचना, रखना मना है। ये आदेश आज तक कोर्ट में चैलेंज नहीं हुआ था, इसलिए वैध माना जाता रहा।
- 2018 में दूसरा बैन: वेरावल पाटण जॉइंट म्यूनिसिपैलिटी ने कहा कि सोमनाथ के कुछ मेन रोड्स को पूरा “वेजिटेरियन जोन” घोषित किया जाएगा। इस बार एरिया और बढ़ा दिया गया। मौजूदा 7 में से 3 याचिकाकर्ताओं ने 2018 में ही इसको हाईकोर्ट में चैलेंज किया था, पर कोर्ट ने कोई स्टे नहीं दिया था, इसलिए केस तब से पेंडिंग था।
- 2019 में तीसरा बैन: 2018 के एरिया में कुछ और नए रोड जोड़ दिए गए। इसे भी कोर्ट में चैलेंज नहीं किया गया।
- 2026 में चौथा बैन: सरकार ने 2019 वाले को रिप्लेस कर दिया और उसमें 3 नए रास्ते/जोन और जोड़ दिए। इनमें त्रिवेणी संगम, भालका तीर्थ जाने वाले रास्ते और वो नए सर्कल जो सोमनाथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट के बाद बने हैं, उन्हें भी शामिल किया गया।

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