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अगर आप एआई से 1 से 100 के बीच कोई रैंडम नंबर चुनने को कहते हैं और जवाब में बार बार 73 दिखाई देता है, तो यह सिर्फ संयोग नहीं हो सकता. इंटरनेट पर लंबे समय से इस पैटर्न को लेकर चर्चा होती रही है. कई लोगों ने दावा किया है कि अलग अलग यूजर्स को भी अक्सर यही नंबर मिलता है. हालांकि इसके पीछे कोई आधिकारिक नियम नहीं है, लेकिन मनोविज्ञान, गणित और एआई की कार्यप्रणाली को समझने पर इसकी कुछ दिलचस्प वजहें सामने आती हैं. रैंडमनेस को लेकर इंसानों की सोच और एआई के जवाब देने के तरीके में कई समानताएं हैं. एआई असल में पासा नहीं फेंकता, बल्कि सबसे संभावित जवाब का अनुमान लगाता है. यही वजह है कि कुछ खास नंबर बाकी संख्याओं की तुलना में ज्यादा बार सामने आ सकते हैं. 73 ऐसा ही एक नंबर माना जाता है जिसने इंटरनेट संस्कृति और लोकप्रिय विज्ञान दोनों में अपनी खास जगह बना ली है.
73 को वैश्विक पहचान दिलाने में टीवी शो द बिग बैंग थ्योरी की भी भूमिका रही है. (AI)
नई दिल्ली. कई लोग जब पहली बार एआई से 1 से 100 के बीच कोई नंबर चुनने को कहते हैं, तो उन्हें 73 जैसा जवाब मिलता है. यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में यह सवाल इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है. हालांकि किसी भी एआई कंपनी ने यह नहीं कहा है कि मॉडल को जानबूझकर 73 चुनने के लिए तैयार किया गया है, लेकिन इसके पीछे कुछ रोचक कारण जरूर दिखाई देते हैं. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इंसानों को कुछ नंबर दूसरों की तुलना में ज्यादा “रैंडम” महसूस होते हैं. जब किसी व्यक्ति से अचानक कोई संख्या चुनने को कहा जाता है, तो वह आमतौर पर 10, 20, 50 या 100 जैसे सीधे और व्यवस्थित नंबरों से बचता है. इसी तरह कई लोग सम संख्याओं की बजाय विषम और प्राइम नंबरों को ज्यादा यादृच्छिक मानते हैं. 73 एक प्राइम नंबर है और यही बात उसे खास बनाती है.
मनोविज्ञान से जुड़े कई प्रयोगों में पाया गया है कि जब लोगों से बिना सोचे कोई संख्या चुनने को कहा जाता है, तो वे अक्सर 37, 73 या इसी तरह के कुछ खास नंबरों की ओर झुकते हैं. इसकी वजह यह है कि हमारा दिमाग अनजाने में ही कुछ पैटर्न्स को खारिज करता रहता है. हमें बहुत छोटे या बहुत बड़े नंबर कम रैंडम लगते हैं. इसी तरह 5 या 10 से विभाजित होने वाले नंबर भी कम यादृच्छिक महसूस होते हैं. इसी प्रक्रिया के बाद कुछ ऐसी संख्याएं बचती हैं जो देखने में संतुलित, असामान्य और रैंडम जैसी लगती हैं. 73 उन्हीं में से एक है. इसलिए यह इंसानी चुनाव में अपेक्षाकृत ज्यादा बार दिखाई देता है.
शेल्डन कूपर ने भी बढ़ाई 73 की लोकप्रियता
73 को वैश्विक पहचान दिलाने में टीवी शो द बिग बैंग थ्योरी (The Big Bang Theory) की भी बड़ी भूमिका रही. शो के एक एपिसोड में शेल्डन कूपर ने 73 को दुनिया का सबसे बेहतरीन नंबर बताया था. इसके बाद इंटरनेट पर इस संख्या को लेकर हजारों लेख, वीडियो, मीम्स और चर्चाएं सामने आईं. शेल्डन के मुताबिक, 73 एक खास गणितीय खूबी रखता है. यह 21वां प्राइम नंबर है और इसके अंकों को उलटने पर 37 बनता है, जो 12वां प्राइम नंबर है. वहीं 21 को उलटने पर 12 बनता है. इस दिलचस्प पैटर्न ने 73 को इंटरनेट संस्कृति का हिस्सा बना दिया.
एआई वास्तव में नंबर चुनता कैसे है?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एआई कोई इलेक्ट्रॉनिक पासा नहीं फेंकता. वह वास्तविक रैंडम नंबर जनरेटर की तरह काम नहीं करता. एआई का काम उपलब्ध डेटा के आधार पर सबसे संभावित जवाब का अनुमान लगाना होता है. जब कोई यूजर पूछता है कि 1 से 100 के बीच कोई रैंडम नंबर चुनो, तब मॉडल यह तय करता है कि ऐसे सवाल के जवाब में कौन सा नंबर सबसे स्वाभाविक या मानवीय लगेगा. यदि उसके प्रशिक्षण डेटा में 73 जैसे नंबर बार बार दिखाई दिए हैं, तो उसकी संभावना बढ़ सकती है कि वह यही संख्या चुने.
क्या हर बार 73 ही आता है?
इसका जवाब नहीं है. कई बार 42, 37, 64, 81 या कोई अन्य संख्या भी सामने आ सकती है. अलग मॉडल, अलग सेटिंग और अलग परिस्थितियों में जवाब बदल सकता है. इसलिए यह कहना गलत होगा कि एआई हमेशा 73 ही चुनता है. हालांकि इतना जरूर है कि 73 उन संख्याओं में शामिल है जो इंसानों और एआई दोनों के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा “रैंडम जैसी” महसूस होती हैं. यही वजह है कि यह संख्या बार बार चर्चा में आ जाती है.
आखिर सच क्या है?
73 कोई जादुई संख्या नहीं है और न ही इसे किसी गुप्त नियम के तहत चुना जाता है. लेकिन मनोविज्ञान, गणित, इंटरनेट संस्कृति और एआई के जवाब देने के तरीके ने मिलकर इसे एक बेहद लोकप्रिय संख्या जरूर बना दिया है. यही कारण है कि जब भी रैंडम नंबर चुनने की बात होती है, 73 का नाम सबसे पहले सामने आने लगता है.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें

