Tuesday, July 14, 2026
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30 लाख टन जस्ता, 1500 टन चांदी और 10 लाख टन तांबा, एक कंपनी करेगी ये सारा काम


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Vedanta Target : वेदांता ने अपने कारोबार का टार्गेट अगले 5 साल में करीब तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा है कि हमारे हर सेक्टर के पास भविष्य में 100 अरब डॉलर के वैल्यूएशन तक पहुंचने की क्षमता है. इसके लिए हर खनिज का उत्पादन दो से तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.

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वेदांता ने साल 2031 तक अपना प्रोडक्शन तीन गुना करने का लक्ष्य रखा है.

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कई साल पहले आत्मनिर्भर भारत की मुहिम शुरू की थी. आज भी कई ऐसे सेक्टर हैं, जहां आयात के जरिये ही ज्यादातर जरूरतें पूरी की जाती हैं. इसके लिए खनिज सेक्टर में भारत को खुद का उत्पादन बढ़ाना बेहद जरूरी है. इस जरूरत को समझते हुए ही खनन सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता ने 5 साल में भारत को खनन सेक्टर में मजबूत बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है. वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि कंपनी जस्ता एवं सीसा का उत्पादन लगभग तीन गुना, चांदी का उत्पादन दोगुना करने के साथ लिथियम और दुर्लभ खनिज तत्वों सहित महत्वपूर्ण व रणनीतिक खनिजों की खोज में तेजी लाएगी।

अग्रवाल ने वेदांता लिमिटेड की 61वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कहा कि तेल एवं गैस कारोबार के विस्तार के लिए 5 अरब डॉलर का निवेश करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी साल 2031 तक जस्ता और सीसा का उत्पादन बढ़ाकर लगभग 30 लाख टन करने, चांदी का उत्पादन दोगुना कर 1,500 टन तक पहुंचाने और इस दशक के अंत तक तांबा उत्पादन बढ़ाकर 10 लाख टन करने की योजना बना रही है.

खनिज उत्पादन पर कंपनी का जोर
उन्होंने कहा कि फेरोक्रोम की उत्पादन क्षमता वित्तवर्ष 2027-28 तक बढ़ाकर पांच लाख टन की जाएगी और निकल का उत्पादन बढ़ाकर 60,000 टन किया जाएगा. कंपनी लिथियम, कोबाल्ट, सोना, तांबा, निकल, मैंगनीज, दुर्लभ खनिज तत्वों और पोटाश से जुड़े अपने 10 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉक में खोज गतिविधियों में तेजी लाएगी. वेदांता समूह ने अपने अलग किए गए कारोबार के विस्तार की योजना दोहराते हुए कहा कि वह अगले तीन से पांच वर्षों में विभिन्न इकाइयों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर पूरी तरह फोकस करेगी.

एल्युमीनियम का उत्पादन होगा दोगुना
वेदांता एल्युमीनियम अगले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी कर 60 लाख टन सालाना करेगी और वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागत वाली उत्पादक कंपनी का लक्ष्य बनाकर चल रही है. वेदांता ऑयल एंड गैस प्रतिदिन 5 लाख बैरल उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले 3 से 5 वर्षों में पांच अरब डॉलर का निवेश करेगी. वेदांता आयरन एंड स्टील अपनी उत्पादन क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन सालाना करेगी.

एनर्जी उत्पादन पर भी कंपनी का जोर
अग्रवाल ने कहा कि वेदांता पावर के पास अपनी क्षमता बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करने की तैयारी है, जिसके लिए कंपनी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी का भविष्य तीन सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें अधिक उत्पादन, बेहतर साझेदारी और लाभ से परे कारोबार का लक्ष्य शामिल है. अग्रवाल ने कहा कि समूह की 5 स्वतंत्र कंपनियां वेदांता लिमिटेड, वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड, वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड और वेदांता पावर लिमिटेड में से प्रत्येक के 100 अरब डॉलर मूल्य की फर्म बनने की क्षमता है. समूह अब एआई सेक्टर में भी अपनी मजबूती को बढ़ा रहा है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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