शहर के सांवलिया जी हॉस्पिटल में एक 70 साल की महिला के साथ हुई ठगी के मामले में पुलिस ने सफलता हासिल की है। पुलिस ने घटना में शामिल आरोपी को नीमच रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से चोरी गए सोने के गहने भी बरामद कर लिए हैं। मामला सदर
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थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह ने बताया कि कमलाबाई पत्नी मोतीलाल कीर, उम्र 70 साल, निवासी नगरी ने रिपोर्ट दी कि 12 अक्टूबर को वे इलाज कराने के लिए सांवलिया जी हॉस्पिटल आई थीं। उसी दौरान हॉस्पिटल में एक युवक उनके पास आया और बातचीत करने लगा। उसने अपना नाम अजय बताया और उनका नाम-पता पूछा।
हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा बताकर डराया बुजुर्ग महिला को
थोड़ी देर बाद उस युवक ने महिला को बाहर बुलाया और कहा कि कपासन चौराहे पर हिंदू-मुस्लिम झगड़ा हो गया है। उसने डराते हुए कहा कि जो सोने के गहने आपने पहने हैं, उन्हें खोलकर अपने थैले में रख लो, वरना भीड़ में नुकसान हो सकता है। उस पर भरोसा करते हुए कमलाबाई ने अपने कानों के आधा तोला वजनी टॉप्स और गले में पहना सोने का मादलिया खोलकर अपने थैले में रख दिया। लेकिन मौका पाकर वह युवक महिला का ध्यान भटकाकर थैले में रखे गहने लेकर फरार हो गया। महिला को जब धोखे का अहसास हुआ, तो उसने तुरंत सदर थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
विशेष टीम का गठन किया
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश और चोरी गए गहनों की बरामदगी के निर्देश दिए। उनके आदेश पर DSP विनय कुमार चौधरी के सुपरविजन और सदर थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह के निर्देशन में ASI अमर सिंह, हेड कांस्टेबल जगदीश चन्द्र, कांस्टेबल गजेन्द्र सिंह और विनोद कुमार की विशेष टीम गठित की गई।
आरोपी ने झांसा देखकर बुजुर्ग महिला के गहने लिए थे।
नीमच रेलवे स्टेशन पर मिला आरोपी, पुलिस ने किया गिरफ्तार
टीम ने आरोपी की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और उसके हुलिए के आधार पर खोजबीन शुरू की। लगातार कोशिशों के बाद पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को नीमच रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया गया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान शम्भूलाल पुत्र भंवरलाल कीर, उम्र 28 साल, निवासी नैनपुरिया, थाना नाथद्वारा, जिला राजसमंद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी गए सोने के टॉप्स और मादलिया बरामद कर लिए हैं।
थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है। शुरुआती पूछताछ में उसने वारदात स्वीकार कर ली है। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं वह किसी गैंग का हिस्सा तो नहीं और उसने पहले भी कोई वारदात की है नहीं।

