Saturday, June 13, 2026
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99% लोग आम की गुठली फेंक देते हैं, लेकिन राजस्थान में इससे बनती है खास सब्जी


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Mango Kernel Recipe: भीलवाड़ा की गृहणी कृष्णा कुमारी ने आम की गुठली को बेकार समझकर फेंकने की बजाय उससे बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक पारंपरिक राजस्थानी सब्जी बनाने की आसान विधि साझा की है. इस रेसिपी में आम की गुठली के अंदर की सफेद गिरी को निकालकर, काटकर या उबालकर उपयोग किया जाता है. कढ़ाई में जीरा, राई, हींग, प्याज, लहसुन और मसालों के साथ इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है. स्वाद को बढ़ाने के लिए इसमें दही या अमचूर भी मिलाया जा सकता है. यह सब्जी स्वाद और सेहत से भरपूर है और बाजरे की रोटी के साथ बेहद लाजवाब लगती है.

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Mango Kernel Recipe: गर्मी के मौसम में आम को फलों का राजा माना जाता है और लगभग हर घर में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. अक्सर देखा जाता है कि आम का पूरा गूदा खाने या मैंगो शेक बनाने के बाद लोग उसकी गुठली को बेकार समझकर कचरे में फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी गुठली से एक बेहद स्वादिष्ट, पौष्टिक और लाजवाब देसी सब्जी तैयार की जा सकती है. राजस्थान के भीलवाड़ा सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में यह पारंपरिक रेसिपी आज भी काफी लोकप्रिय है और अब शहरों में भी लोग इसके अनूठे स्वाद को बेहद पसंद करने लगे हैं.

भीलवाड़ा की रहने वाली गृहणी कृष्णा कुमारी ने बताया कि गर्मी के सीजन में बाजार में आम की भरमार रहती है. लोग आम को सीधा खाकर या फिर आम का जूस और मैंगो शेक बनाकर इसका भरपूर आनंद लेते हैं. उन्होंने बताया कि आम की गुठली के अंदर मौजूद सफेद गिरी का उपयोग इस खास सब्जी को बनाने में किया जाता है. सबसे पहले आम की गुठली को सावधानी से तोड़कर उसके अंदर की सफेद गिरी निकाली जाती है. इसके बाद इस गिरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है या फिर पीस कर पानी से अच्छी तरह साफ किया जाता है. कई लोग इसके कड़वेपन को दूर करने के लिए इसे हल्का उबालकर भी उपयोग में लेते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बेहतरीन हो जाता है. यह सब्जी बनाना काफी आसान है और यह लंबे समय तक खराब भी नहीं होती है.

कढ़ाई में मसालों का तड़का और धीमी आंच पर पकती है यह लजीज सब्जी
इस पारंपरिक राजस्थानी सब्जी को बनाने की विधि बेहद सरल है. सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले एक कढ़ाई में तेल गर्म किया जाता है. तेल अच्छी तरह गर्म होने के बाद इसमें जीरा, राई और हींग का जोरदार तड़का लगाया जाता है. इसके बाद कढ़ाई में बारीक कटा हुआ प्याज, लहसुन और हरी मिर्च डालकर उन्हें सुनहरा होने तक अच्छे से भुना जाता है. इसके बाद मसाले के रूप में हल्दी, धनिया, लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. जब मसाले अच्छी तरह से तेल छोड़ देते हैं और पक जाते हैं, तब इसमें आम की गिरी के तैयार टुकड़े डालकर कुछ देर तक अच्छे से भूनते हैं. इसके बाद जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर इसे धीमी आंच पर ढककर पकाया जाता है. कुछ लोग इसके स्वाद को और अधिक चटपटा बनाने के लिए इसमें दही या अमचूर भी मिलाते हैं, जिससे इसका जायका दोगुना हो जाता है.

स्वाद और पोषण से भरपूर है यह सब्जी, बाजरे की रोटी के साथ आता है असली मजा
यह सब्जी स्वाद के साथ-साथ सेहत और पोषण से भी भरपूर मानी जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसे सादी रोटी, बाजरे की रोटी या ज्वार की रोटी के साथ बड़े चाव से खाते हैं. इसका स्वाद आम और अन्य सब्जियों से बिल्कुल अलग और बेहद खास होता है, जो एक बार खाने के बाद लंबे समय तक जुबान पर याद रहता है. आम की गुठली का इस तरह उपयोग करना खाद्य अपशिष्ट (Food Waste) को कम करने का एक बेहतरीन और समझदारी भरा तरीका है. इससे न केवल एक नई और स्वादिष्ट डिश तैयार होती है बल्कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग भी होता है. ऐसे में इस बार जब भी आप घर पर आम लाएं तो उसकी गुठली को फेंकने की बजाय उससे यह पारंपरिक देसी सब्जी बनाकर जरूर देखें.

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vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें



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