Friday, July 31, 2026
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प्रत्यय अमृत होंगे बिहार के मुख्य सचिव: अस्पतालों में PPP मॉडल लागू किया, सोनपुर मेले में अश्लीलता पर रोक लगाई; सीनियर IAS के बारे में जानिए सबकुछ – Bihar News


प्रत्यय अमृत बिहार के नए मुख्य सचिव होंगे। इसको लेकर अधिसूचना जारी हो गई है। बिहार सरकार ने 27 दिन पहले ही इसकी अधिसूचना जारी कर दी। वर्तमान विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत को एक महीने के लिए मुख्य सचिव के कार्यालय में विशेष कार्य पदाधिकारी का अतिरिक्त प्र

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बताया जाता है कि यह पहली बार हुआ है कि नए मुख्य सचिव की अधिसूचना 1 महीने पहले जारी कर दी गई है।

अपने कार्यकाल के दौरान प्रत्यय अमृत ने कई नई पहल कीं। कटिहार के डीएम के रूप में उन्होंने जिला अस्पताल के लिए सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (PPP) मॉडल लागू किया। वे जहानाबाद, छपरा, कटिहार में डीएम रह चुके हैं।

प्रत्यय अमृत नीतीश कुमार के गुड बुक वाले अफसर माने जाते हैं। नीतीश कुमार की बिहार विकास की सोच को जमीन पर उतारने वाले अफसरों में इनकी गिनती होती है। नीतीश कुमार जब सत्ता में आए, तब प्रत्यय अमृत केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे, लेकिन नीतीश कुमार ने इन्हें बिहार बुलाकर पुल निर्माण की बागडोर सौंपी। इसमें बेहतर काम के लिए तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने इन्हें एक्सीलेंट अवॉर्ड से नवाजा था।

कोरोना के वक्त नीतीश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग का दिया था जिम्मा

कोविड के समय बिहार में संजय कुमार के पास स्वास्थ्य विभाग की कमान थीं। स्थिति बिगड़ी तो सरकार ने उदय सिंह कुमावत को विभाग सौंपा, लेकिन आखिरकार प्रत्यय अमृत को लाया गया। बिहार सरकार में प्रत्यय अमृत ने पुल निर्माण, पथ निर्माण, स्वास्थ्य के अलावा आपदा और बिजली के क्षेत्र में कार्य किया।

एक माह पहले आधिकारिक घोषणा

चर्चा थी कि नीतीश कुमार अपने प्रिय अफसर चंचल कुमार को मुख्य सचिव के पद पर ला सकते हैं, वे अभी केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, लेकिन छह माह पहले से नीतीश कुमार बैठकों में इशारा कर चुके थे कि प्रत्यय अमृत ही नए मुख्य सचिव होंगे।

अमृत लाल मीणा के रिटायर होने के एक माह पहले प्रत्यय अमृत के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई। इस साल बिहार में विधान सभा चुनाव होना है और सरकार ने विकास कार्यक्रमों की गति काफी तेज कर दी है। सरकार एक के बाद एक कई बड़ी घोषणाएं कर रही है।

पिता कुलपति रहे, परिवार में कई IAS

प्रत्यय अमृत कायस्थ जाति से आते हैं। इनके पिता डॉ. रिपुसुदन प्रसाद श्री वास्तव दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर रहे हैं और बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा में कुलपति भी रहे। सवर्ण आयोग का सदस्य भी इन्हें बनाया गया।

मां डॉ. कविता एल.एस कॉलेज मुजफ्फरपुर में हिंदी की प्रोफेसर हैं। प्रत्यय दो भाई एक बहन हैं। बड़े भाई प्रतीक प्रियदर्शी दिल्ली के मैनेजमेंट कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। बहन प्रज्ञा ऋचा 1991 बैच की आईपीएस मध्य प्रदेश में हैं। इनके बहनोई मनु श्रीवास्तव भी 1991 बैच के आईएएस हैं। प्रत्यय अमृत के साला आईपीएस हैं। ससुर आर.के श्रीवास्तव खुद आईएएस रह चुके हैं। पत्नी डॉ. रत्ना श्रीवास्तव ए.एन कॉलेज में हैं। पत्नी का चयन प्रिसिंपल पद के लिए हो चुका है।

प्रत्यय अमृत नीतीश कुमार के गुड बुक वाले अफसर माने जाते हैं।

प्रत्यय अमृत नीतीश कुमार के गुड बुक वाले अफसर माने जाते हैं।

सोनपुर मेला में अश्लील डांस पर लगाई थी रोक

अमृत गोपालगंज जिला के हथुआ अनुमंडल में ग्राम भरतपुरा के मूल निवासी हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर में मां-पिता ने घर बना लिया है तो वहीं ज्यादा आना-जाना होता है। अमृत क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी हैं। वे टेनिस, हॉकी भी खेलते हैं। हाल में मैराथन दौड़ने गोवा गए थे।

कला में बेहतर रुचि की वजह से ही इनकम टैक्स गोलंबर के नजदीक स्थित विद्युत कार्यालय के भवन में खूबसूरत पेटिंग करवायी। वे अनाथ बच्चों के लिए भी काम करते रहे हैं। सोनपुर मेला में अश्लील नृत्य पर रोक लगाने में बड़ी पहल की थी और वहां सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे।

सांसद की बोलती बंद कर दी थी

दरभंगा एम्स के निर्माण के समय सांसद की उन्होंने बोलती बंद कर दी थी। दरभंगा के शोभन में एम्स निर्माण के लए पीएम का शिलान्यास 2024 में होना था। पीएम मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, संयुक्त सचिव संजय सिंह ने तैयारियों का जायजा ले रहे थे।

इस दौरान दरभंगा से बीजेपी सांसद गोपाल जी ठाकुर भी मौजूद रहे। बातचीत के दरम्यान सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कोई बात कही तो आईएएस अधिकारी प्रत्यय अमृत ने हंसते हुए जवाब दे दिया- ‘आप ही यहां पर एम्स बनने का विरोध कर रहे थे।’

चीफ सेक्रेटरी के रेस में ये नाम भी शामिल रहे

केके पाठक- 1990 बैच के IAS ऑफिसर पाठक फिलहाल दिल्ली केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वह जल्द रिटायर होने वाले हैं। उनके बिहार लौटने की संभावना कम थी। ऐसे में वह रेस से बाहर हो गए।

दीपक कुमार सिंह और हरजोत कौर बम्हरा: 1992 बैच के IAS हैं। इनके नाम पर भी चर्चा हुई, लेकिन उनके सीमित केंद्रीय प्रशासनिक अनुभव के कारण ज्यादा विचार नहीं किया गया।



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