धार शहर में सुबह से रात 9 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इंदौर रोड, रतलाम रोड और नेशनल हाईवे से भारी वाहन बिना किसी रोक-टोक के शहर में प्रवेश कर रहे हैं।
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शहरी क्षेत्र में लोडिंग वाहनों की आवाजाही से ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। साथ ही हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। हाल ही में ग्रामीण क्षेत्र में एक तेज रफ्तार डंपर ने एक चार पहिया वाहन को टक्कर मार दी थी।
गुजरी-नागदा स्टेट हाइवे मार्ग जो शहर के बीच से होकर गुजर रहा है, उस पर भारी वाहनों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है। घोड़ा चौपाटी चौराहे से दिन में ही ट्रक और आयशर गुजरते नजर आते हैं। यहां आसपास तीन बड़े सरकारी स्कूल हैं, जहां सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं।
त्रिमूर्ति चौराहे से कलेक्टोरेट तक दिनभर भीड़ रहती है घोड़ा चौपाटी से इंदौर नाके तक की आदर्श रोड पर भी दिन के समय भारी वाहन प्रतिबंधित हैं। त्रिमूर्ति चौराहे से कलेक्टोरेट तक दिनभर भीड़ रहती है। इंदौर नाके पर ट्रैफिक पुलिस का पाइंट और त्रिमूर्ति चौराहे पर ट्रैफिक जवान तैनात होने के बावजूद भारी वाहन शहर में घुस रहे हैं।
‘प्रतिबंधित क्षेत्र में गाड़ी मिलने पर चालक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे’ हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में यह विषय उठ चुका है, लेकिन सिर्फ कागजी कार्रवाई हो रही है। त्रिमूर्ति चौराहे को छोड़ शहर के किसी भी चौराहे पर सिग्नल तक नहीं लगे हैं। यातायात टीआई प्रेमसिंह ठाकुर का कहना है कि चौराहों पर पुलिस जवान मुस्तैद हैं। प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन मिलने पर चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

