अशोकनगर जिले के देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत बांसापुर गांव में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 22 वर्षीय बीएससी छात्र नीरज अहिरवार की करंट लगने से मौत हो गई। नीरज को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि समय
.
परिजनों ने बताया कि युवक को जब अस्पताल लाया गया, तब वह जीवित था। लेकिन अस्पताल में करीब एक घंटे तक डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कई बार अस्पताल परिसर में मदद के लिए गुहार लगाई गई, लेकिन कोई भी डॉक्टर सामने नहीं आया। अंततः जब डॉक्टर पहुंचे, तब तक युवक की हालत बिगड़ चुकी थी और उसकी मृत्यु की पुष्टि कर दी गई।
रास्ते में टूटे तार की चपेट में आया जानकारी के अनुसार, नीरज पिता उमेश अहिरवार (22) बीएससी का छात्र था और वर्तमान में अशोकनगर के लोक सेवा केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत था। नीरज गांव से कुछ दूर रास्ते में एक टूटे बिजली तार की चपेट में आ गया, जिससे उसे करंट लग गया।
घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल से शव उठाया और कलेक्ट्रेट की ओर मार्च कर दिया। शव को हाथों में उठाए परिजन सड़क पर दौड़ते रहे, जबकि पुलिस पीछे-पीछे उन्हें रोकने का प्रयास करती रही। इस दौरान अफरातफरी का माहौल बन गया।
परिजन डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
डॉक्टर पर कार्रवाई के आश्वासन पर माने मौके पर पहुंचे एसडीएम बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार शंभू मीणा, भारतेंदु यादव समेत कई थानों के थाना प्रभारी ने लोगों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
कलेक्ट्रेट गेट के बाहर करीब 7 बजे तक चक्का जाम की स्थिति बनी रही। बाद में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका त्रिवेदी मौके पर पहुंचीं और लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, हालांकि बाद में ही हंगामा चलता रहा।
इस घटना ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और परिजनों की मांग है कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए।

पुलिस-प्रशासन ने देर तक परिजनों को समझाइश दी।


