जीवन और मौत की जंग लड़ रहे चार माह के मासूम को समय पर मिली इलाज की सुविधा ने उसे नई जिंदगी दी है। बागमुगालिया क्षेत्र के राजन (परिवर्तित नाम) के बेटे का जन्म चार महीने पहले हुआ था। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात बदलने लगे। ज
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बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने नि:शुल्क इलाज की स्वीकृति दी और उसे सर्जरी के लिए एसआरसीसी अस्पताल, मुंबई रेफर किया गया। 18 जुलाई को डॉक्टरों की टीम ने बच्चे की Arterial Switch Surgery with Atrial और Ventricular Septal Defect की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की। यह अत्यंत जटिल हृदय शल्यक्रिया है, जिसमें जन्मजात हृदय दोष को सही कर बच्चे की जान बचाई जाती है। इलाज के बाद बच्चा अब स्वस्थ है और आरबीएसके की टीम उसका नियमित फॉलोअप कर रही है। इस पूरे इलाज पर लगभग साढ़े तीन लाख रुपए खर्च आया, जिसे योजना के तहत पूरी तरह नि:शुल्क किया गया। पिता बोले- इतनी बड़ी रकम जुटाना नामुमकिन सब्जी बेचकर परिवार चलाने वाले बच्चे के पिता ने कहा कि इतनी बड़ी रकम जुटाना उनके लिए नामुमकिन था। सरकार और आरबीएसके योजना की मदद से ही उनके बेटे को नया जीवन मिला है। उन्होंने शासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के लिए आभार जताया।
क्या होती हैं ये सर्जरी
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि एएसएस सर्जरी बच्चों के दिल की आर्टरीज और श्वांस की नली की स्थिति में बदलाव आ जाता है। जिसे सर्जरी से ठीक किया जाता है। वहीं दूसरी वीएसडी सर्जरी में हार्ट को अलग-अलग करने वाले चेंबर में छेद हो जाता है जिससे प्योर और इम्प्योर खून आपस में मिलने लगते हैं। जिससे बार-बार मरीज बीमार पड़ता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया
जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र के माध्यम से सर्जरी, थेरेपी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध हैं। यह सुविधा न केवल निम्न आय वर्ग बल्कि एपीएल परिवारों के बच्चों को भी दी जा रही है।


