पुलिस ने पटना से आरोपी को पकड़ा है।
बैतूल में सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरोह का मुख्य सरगना बिहार के पटना से पकड़ा गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में अब तक बैतूल, छिंदवाड़ा जिले के लोगों से 40 लाख र
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उन्होंने सिर्फ बैतूल में ही 27 लाख ठगे। एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि यह गिरोह मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में बेरोजगारों को फर्जी नियुक्ति पत्र थमा चुका है।
खुदको बड़ा अधिकारी बताकर करते थे बात गिरोह के सदस्य खुद को बड़े अधिकारियों से जुड़ा बताते थे और युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाते थे। आरोपी पहले सेलेक्शन लिस्ट आने वाली है, अब मेडिकल होगा, इंटरव्यू है… जैसे बहाने बनाकर पीड़ितों को लंबे समय तक फंसाए रखते थे।
रेलवे, महिला एवं बाल विकास, पोस्ट ऑफिस, फॉरेस्ट, पटवारी और बैंक जैसे विभागों में नौकरी लगवाने का लालच दिया जाता था।

पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया है।
बैतूल में ₹27 लाख की ठगी गंज थाना क्षेत्र के फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी अश्विन धोटे निवासी बैतूल ने उसकी वकील पत्नी को एडीपीओ (ADPO) बनाने का झांसा देकर 27 लाख रुपए हड़प लिए। रकम आरोपी के बताए बैंक खातों में किस्तों में जमा कराई गई। बाद में दिए गए ज्वाइनिंग लेटर और सेलेक्शन लिस्ट फर्जी निकली।
पटना से पकड़ाया सरगना पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि इस गैंग का सरगना मानव उर्फ आशीष कुमार, निवासी पटना है, जिसे पटना से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है। उसके अलावा भोपाल निवासी अभिजीत उर्फ वेदप्रकाश और अन्य साथी अभी फरार हैं।
जांच में पता चला कि आरोपी गिरोह ने छिंदवाड़ा जिले में भी कई लोगों से नौकरी के नाम पर लाखों रुपए ऐंठे, लेकिन अधिकांश पीड़ित सामने नहीं आए हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह ने अन्य राज्यों में भी ठगी की है।
पुलिस ने आरोपी से 5 लाख रुपए नगद और मोबाइल जब्त किया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

