धार जिले में पिछले 11 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। मानसून की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से सोयाबीन की बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब बारिश थमने और तेज धूप-उमस के कारण खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है। इसका असर सोयाबीन समेत खरीफ की अन्य फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। सुबह बादल, दोपहर में तेज धूप कई दिनों से सुबह के समय आसमान में घने बादल छा रहे हैं, जिससे किसानों को बारिश की उम्मीद बंधती है। हालांकि, दोपहर होते-होते बादल छंट जाते हैं और तेज धूप निकल आती है। बारिश नहीं होने से मिट्टी लगातार सूख रही है और उमस भी बढ़ गई है। सोयाबीन की बढ़वार पर संकट कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय सोयाबीन की फसल बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में है और उसे पर्याप्त नमी की जरूरत होती है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो पौधों की बढ़वार रुक सकती है, पत्तियां पीली पड़ने लगेंगी और फसल सूखने का खतरा बढ़ जाएगा। किसानों ने जताई नुकसान की आशंका किसान लोकेश राणा ने बताया कि पिछले 11 दिनों से जिले में अच्छी बारिश नहीं हुई है। खेतों की नमी लगातार कम होती जा रही है और सोयाबीन की फसल को इस समय सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। गेहूं की तैयारी भी होगी प्रभावित लोकेश राणा के मुताबिक, बारिश नहीं होने से खरीफ फसल के साथ-साथ आगामी रबी सीजन की तैयारियों पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नुकसान की स्थिति में किसानों को प्रति बीघा हजारों रुपये की आर्थिक हानि हो सकती है। बारिश का इंतजार कर रहे किसान जिलेभर के किसान अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। आसमान में बादल बनने के बावजूद बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। अब सभी की निगाहें मौसम के अगले बदलाव पर टिकी हैं।
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धार में 11 दिन से बारिश नहीं, खेत सूखने लगे: सोयाबीन फसल पर संकट, किसानों की बढ़ी चिंता – Dhar News
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