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Dosa Recipe In Hindi: फर्रुखाबाद के आवास विकास स्थित अन्मित की साउथ इंडियन फूड शॉप अपने स्वादिष्ट पनीर डोसे के लिए इन दिनों खूब चर्चा में है. 23 साल पुरानी इस दुकान का स्वाद आज भी लोगों को दीवाना बना रहा है. घर पर बने मसालों, लाजवाब सांभर और ताज़ी सब्ज़ियों से तैयार डोसा, स्वाद के साथ-साथ स्वच्छता और सेवा में भी नंबर वन है.
फर्रुखाबाद: पनीर डोसा का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. दक्षिण भारत की यह लोकप्रिय डिश अब पूरे देश में खास पहचान बना चुकी है. फर्रुखाबाद में स्थित ‘आवास विकास साउथ इंडियन फूड शॉप’ का पनीर डोसा न सिर्फ स्वाद में बेजोड़ है, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी सर्वोत्तम मानी जाती है.
फर्रुखाबाद के आवास विकास स्थित मिशन हॉस्पिटल के पास अन्मित की यह साउथ इंडियन फूड की दुकान 23 साल पुरानी है. बदलते समय के साथ स्वाद, गुणवत्ता और ग्राहकों का भरोसा बरकरार है. यहां की पनीर डोसा, मसाला डोसा और कई अन्य वैरायटी के डोसे कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाते हैं. ग्राहक स्वाद, सेवा और स्वच्छता से बेहद संतुष्ट नजर आते हैं. यही कारण है कि दुकान पर अक्सर भीड़ लगी रहती है.
दुकानदार अन्मित बोले ‘स्वाद ही पहचान है’
लोकल18 से बातचीत में दुकानदार अन्मित ने बताया, ‘यहां 60 रुपए से लेकर 200 रुपए तक के डोसे मिलते हैं. रोजाना 3 से 4 हजार की आमदनी हो जाती है और महीने की कमाई करीब 60 से 70 हजार तक पहुंचती है. उन्होंने कहा कि सभी फ्लेवर के डोसे ऑर्डर पर तुरंत तैयार कर दिए जाते हैं.
डोसे की खासियत
दुकानदार अन्मित के अनुसार, ‘हमारे डोसे में इस्तेमाल होने वाले मसाले घर पर ही तैयार किए जाते हैं, जो स्वाद को खास बना देते हैं. यही कारण है कि सुबह से शाम तक ग्राहक आते रहते हैं, कुछ तो परिवार सहित आते हैं, सिर्फ डोसे का स्वाद लेने के लिए.’
कैसे बनता है ये स्वादिष्ट पनीर डोसा?
स्वादिष्ट डोसे के लिए एक बड़ा तवा जरूरी होता है. सबसे पहले तवे को अच्छे से गर्म कर उसमें शुद्ध तेल डाला जाता है. फिर बेसन और अन्य सामग्री से बना बैटर तवे पर फैलाया जाता है. जब वो अच्छे से सिक जाता है, तब ऊपर से पनीर और हरी सब्जियां डाली जाती हैं. इसके बाद डोसे को प्लेट में सांभर, नारियल और दूसरी चटनी के साथ परोसा जाता है.
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा…और पढ़ें
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा… और पढ़ें

