महंगे कॉस्ट्यूम ने उड़ाए होश
1973 में जन्मीं ऐश्वर्या 1 नवंबर को 52 साल की हो रही हैं, लेकिन उनकी स्माइल और ग्रेस आज भी वैसी ही चमकदार है. मिस वर्ल्ड से बॉलीवुड क्वीन बनीं ऐश्वर्या ने कई सुपरहिट फिल्में दीं, लेकिन ‘जोधा-अकबर’ (2008) जैसी ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर ने उन्हें हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में बिठा दिया. ‘जोधा-अकबर’ एक महंगी फिल्म थी, जिसका बजट शुरू में 37 करोड़ रुपये था, लेकिन सेट्स और कॉस्ट्यूम्स की वजह से बढ़कर 40 करोड़ हो गया. क्यों? क्योंकि डायरेक्टर अशुतोष गोवारीकर ने मुगल काल की शान को स्क्रीन पर उतारने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी.
हाथी-घोड़े भी हुए थे ट्रेंड
इस फिल्म की शूटिंग में 80 से ज्यादा हाथी, 100 घोड़े और 55 ऊंट का इस्तेमाल हुआ था! ये सब युद्ध और शाही दृश्यों के लिए लाए गए थे, जो फिल्म को असली फील देते हैं. ऋतिक और ऐश्वर्या ने भी निर्देशक आशुतोष गोवारीकर की तरह ही फिल्म को असली बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. इस फिल्म से जुड़े ट्रिविया में बताया गया है कि दोनों ने फिल्म में तलवारबाजी वाले सीन में शुरू में लकड़ी और फाइबर की तलवारें इस्तेमाल कीं. लेकिन दोनों को हैंडल करने में दिक्कत हुई. फिर हल्के फाइबर की तलवारें बनवाई गईं, ताकि स्टंट आसान हो.
असली जेवर और शाही कॉसट्यूम से सजा ऐश्वर्या का लुक
जोधाबाई के रोल में ऐश्वर्या ने ब्राउन कॉन्टैक्ट लेंस पहने, ताकि उनका चेहरा मुगल काल के हिसाब से फिट हो. लेकिन असली चैलेंज था ज्वेलरी! संजय लीला भंसाली की ‘देवदास’ के बाद ‘जोधा अकबर’ में भी डिजाइनर नीता लुल्ला को ही ऐश्वर्या का कॉस्ट्यूम डिजाइन करने की जिम्मेदारी दी गई. नीता लुल्ला ने जोधा अकबर से जुड़े एक वीडियो इंटरव्यू में बताया कि सारी ज्वेलरी प्राइसलेस और बहुत कीमती थी. शूटिंग के बाद इन्हें डिजिटल लॉक वाले सेफ में रखा जाता था.
फिल्म ‘जोधा अकबर’ में कुल मिलाकर फिल्म में 300 किलो ज्वेलरी का इस्तेमाल किया गया था, जो तनिश्क ब्रांड से खरीदी गई थी. ऐश्वर्या ने कहा कि सबसे मुश्किल काम था इतनी भारी ज्वेलरी पहनना. जोधाबाई की शादी वाले सीन में उनका सेट ही 3.5 किलो का था! इतनी भारी ज्वेलरी में चलना और शूट करना, ये काफी थकाने वाला था. ऐश्वर्या ने फिल्म में एक-दो नहीं बल्कि 13 सेट ज्वेलरी पहने थे. वहीं ऋतिक रोशन ने 8 ज्वेलरी सेट पहने थे.
डिजाइनर नीता लुल्ला बताती हैं कि उन्होंने इस फिल्म के लिए 1.5 साल रिसर्च किया, जयपुर जाकर फैब्रिक्स की जानकारी ली. राजपूतों के लिए पीले, नारंगी और लाल रंग, मुगलों के लिए गोल्ड, ब्राउन और बेज इस्तेमाल किए. जरदोजी और कुंदन एम्ब्रॉयडरी से ड्रेसेज बनाई गईं. 200 कारीगरों ने 600 दिन मेहनत की, गोल्ड जेमस्टोन्स से ज्वेल्स गढ़े. ऐश्वर्या का जोधाबाई वाला रेड वेडिंग लेहंगा इतना खास था कि आज ये हॉलीवुड के एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की ‘कलर इन मोशन’ एग्जिबिशन में रखा है. इस लहंगे की एक-एक प्लीट्स में असली सोने के धागों का इस्तेमाल किया गया था, जिस पर दिखने वाले क्रिस्टल दुनिया के सबसे महंगे क्रिस्टल बेचने वाली कंपनी स्वारोवस्की से लिए गए थे.

ऐश्वर्या ने ही शुरू किया ‘सरनेम चेंज’ का ट्रेंड
ये ऐश्वर्या की पहली फिल्म थी जहां उनके क्रेडिट्स में नया नाम ‘ऐश्वर्या राय-बचन’ नजर आया. शादी के बाद उन्होंने अपना मेडन नेम और सरनेम जोड़ा, जो अब सोसाइटी में ट्रेंड बन गया है. कई लोग आज भी वैसा ही करते हैं!

