राजगीर में स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ईमेल के जरिए धमकी भेजी गई है। जिसमें फैक्ट्री और ऑफिस कैंपस में 7 बम रखे जाने और विस्फोट की चेतावनी दी गई है।
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यह धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया है। जिसे लेकर केंद्रीय और राज्य स्तर की सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। कैंपस में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
आईएसआई और डीएमके का जिक्र
मेल में पाकिस्तान की ISI, तमिलनाडु की DMK और चेन्नई के एक धार्मिक स्थल से जुड़े विवाद का उल्लेख किया गया है। कई गैरकानूनी संगठनों के नाम लेते हुए संवेदनशील टिप्पणियां की गई हैं, जिनका मकसद भावनाएं भड़काना और साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाना लगता है।
पुलिस ने शुरूआती जांच में इसे दहशत फैलाने की साजिश और साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश के तौर पर देख रही है।
फैक्ट्री के अंदर सात जगह पर बम रखने की धमकी दी गई है। यह तस्वीर कैंपस के अंदर की है।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी अलर्ट
राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया है कि, प्रारंभिक जांच में यह मामला एक खतरनाक धमकी (थ्रेट) लग रही है।हमने इस मामले को साइबर सेल, इंटेलिजेंस विंग और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के साथ साझा कर दिया है। जांच जारी है।
इस गंभीर धमकी को देखते हुए केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियां, रक्षा मंत्रालय तथा जिला प्रशासन मिलकर मामले की गहन जांच कर रहे हैं। साइबर सेल को ईमेल की तकनीकी जांच और इसके स्रोत की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस प्रशासन ने प्रारंभिक तौर पर इसे दहशत फैलाने की साजिश और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास माना है। हालांकि, किसी भी संभावना को नजरअंदाज न करते हुए सभी एंगल से जांच की जा रही है।
रक्षा उत्पादन का प्रमुख केंद्र है राजगीर आयुध निर्माणी
राजगीर आयुध निर्माणी भारतीय सेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रक्षा उत्पादन केंद्र है। इस कारखाने की नींव वर्ष 1999 में तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीज ने रखी थी। सरकार ने इस परियोजना को 2001 में औपचारिक मान्यता प्रदान की थी।
यहां बीएमसीएस (बाई-मॉड्यूलर चार्ज सिस्टम) जैसे मॉडर्न गोला-बारूद बनाया जाता है। जिनका उपयोग भारतीय सेना की धनुष और बोफोर्स तोपों में किया जाता है। यह देश की एकमात्र फैक्ट्री है जो बीएमसीएस का उत्पादन करती है।

यहां बने गोला बारूद का इस्तेमाल बोफोर्स तोप में किया जाता है।
म्युनिशंस इंडिया लिमिटेड के तहत संचालित यह इकाई अपनी गुणवत्ता, स्वदेशी उत्पादन के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। इसके उत्पादों का निर्यात यूरोपीय देशों और अमेरिका तक किया जाता है।

