राकेश पचौरी | मथुरा2 मिनट पहले
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मथुरा में नगर आयुक्त जग प्रवेश ने गऊ घाट और उसके आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य गऊ घाट क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना, यमुना नदी के किनारे कचरा निस्तारण को प्रभावी बनाना और धार्मिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निस्तारण की योजना तैयार करना था।
निरीक्षण के दौरान, नगर आयुक्त ने गऊ घाट क्षेत्र में फैली गंदगी, यमुना किनारे जमा कचरा और नालों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने गऊ घाट के पास बन रहे डलाव घर (डंपिंग यार्ड) को तत्काल हटाने और क्षेत्र में एकत्रित कचरे के पूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने घाट क्षेत्र में लोगों द्वारा डाली जा रही धार्मिक सामग्री जैसे मूर्तियां, भगवान की पोशाक और पूजन सामग्री के सम्मानजनक निस्तारण के लिए एक अलग धार्मिक कचरा संग्रह केंद्र (रिलिजियस वेस्ट कलेक्शन प्वाइंट) विकसित करने के भी निर्देश दिए।

नगर आयुक्त ने यमुना नदी के किनारे फैले फ्लोटिंग पॉलिथीन, ठोस कचरा और नालों से बह रही गंदगी पर विशेष नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए। क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी, सफाई निरीक्षक और नेचर केयर कंपनी को निर्देशित किया गया कि गऊ घाट और डंपिंग यार्ड क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गंदगी या पॉलिथीन दिखाई न दे।
निरीक्षण के दौरान नागरिकों से अपील की गई कि वे घाटों या यमुना नदी में कचरा और धार्मिक सामग्री न डालें, तथा स्वच्छता बनाए रखने में नगर निगम का सहयोग करें। नगर आयुक्त ने बताया कि गऊ घाट, द्वारिकाधीश मंदिर के प्रमुख प्रवेश मार्ग पर स्थित होने के कारण इसकी स्वच्छता और निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार, क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी महेश चंद्र, सफाई निरीक्षक राजकुमार कुमार, नेचर केयर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिलाष सांगवान, प्रोजेक्ट मथुरा टीम और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने जनभागीदारी से गऊ घाट और यमुना तट को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाए रखने का आह्वान किया।

