बिहार बोर्ड की आने वाली मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर शिक्षा विभाग ने अंतिम तैयारियों में तेजी ला दी है। नालंदा में 9 जनवरी से मॉक टेस्ट की शुरुआत होगी, जो छात्र-छात्राओं की परीक्षा पूर्व तैयारियों को परखने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो
.
जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किया है। नालंदा लाइव क्लासेज के तहत संचालित क्रैश कोर्स की सफलता का आकलन करने के लिए यह मॉक टेस्ट आयोजित किया जा रहा है। यह परीक्षा 13 जनवरी तक जारी रहेगी और जिले के कुल 282 हाई स्कूलों में संपन्न होगी।
विशेष बात यह है कि इस परीक्षा में केवल सेंटअप परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले मेधावी छात्रों को ही नहीं, बल्कि प्रत्येक स्कूल के सभी छात्र-छात्राओं को सम्मिलित होने का अवसर दिया जाएगा। यह कदम समावेशी शिक्षा नीति की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
विषयवार परीक्षा कार्यक्रम
9 जनवरी: पहली पाली में मैट्रिक के लिए हिंदी/उर्दू तथा दूसरी पाली में संस्कृत की परीक्षा होगी। इंटरमीडिएट (विज्ञान एवं कला वर्ग) के लिए रसायन विज्ञान, इतिहास, भौतिकी और राजनीति विज्ञान के पेपर लिए जाएंगे।
शिक्षा विभाग ने पूरी की तैयारी।
10 जनवरी: इस दिन इंटर के परीक्षार्थी गणित और जीव विज्ञान की परीक्षा देंगे, जबकि मैट्रिक के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान विषय निर्धारित हैं।
12 जनवरी: इंटर के लिए अंग्रेजी-हिंदी तथा मैट्रिक के लिए सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी की परीक्षा संपन्न होगी।
13 जनवरी: अंतिम दिन इंटरमीडिएट के उर्दू और अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा ली जाएगी।
तत्काल मूल्यांकन की व्यवस्था
परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिले के 20 उच्च माध्यमिक विद्यालयों को मूल्यांकन केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है। उल्लेखनीय है कि परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन उसी दिन अथवा अगले दिन से प्रारंभ कर दिया जाएगा।
मूल्यांकन काम 10 जनवरी से 14 जनवरी तक निर्बाध रूप से जारी रहेगा। बिहारशरीफ, अस्थावां, राजगीर, हिलसा सहित सभी प्रमुख प्रखंडों में मूल्यांकन केंद्र स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक केंद्र पर मूल्यांकन निदेशक की तैनाती की जा चुकी है।
बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली
कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने और निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए जिला स्तर पर निगरानी दलों का गठन किया गया है। डीपीओ मो. शाहनवाज को राजगीर, सिलाव और बेन प्रखंडों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीपीओ सुजीत कुमार गिरियक और कतरीसराय की देखरेख करेंगे, जबकि डीपीओ आनंद शंकर को रहुई, नूरसराय और हरनौत का प्रभार दिया गया है।
इसी प्रकार अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को भी विभिन्न प्रखंडों की निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। यह व्यवस्था परीक्षा में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने में सहायक होगी।
कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा और मूल्यांकन अवधि के दौरान किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को छुट्टी स्वीकृत नहीं किया जाएगा। चूंकि इस अवधि में रविवार या अन्य सार्वजनिक छुट्टी भी आ सकते हैं, इसलिए घोषित अवकाश के दिनों में कार्य करने वाले कर्मियों को बाद में क्षतिपूर्ति छुट्टी प्रदान किया जाएगा।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधार की पहल
यह मॉक टेस्ट केवल एक औपचारिक परीक्षा नहीं, बल्कि छात्रों की वास्तविक तैयारी का आकलन करने और उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए मानसिक रूप से तैयार करने का एक प्रभावी माध्यम है। नालंदा लाइव क्लासेज के तहत चल रहे क्रैश कोर्स की सफलता को मापने का यह एक ठोस प्रयास है।

