Wednesday, May 6, 2026
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वोडाफोन-आइडिया को मिला नया चेयरमैन, क्या अब शेयरों में आएगी जान, अभी क्या हैं हालात?


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वोडाफोन आइडिया को नया चेयरमैन और AGR में बड़ी राहत मिली है, जिससे कंपनी को तात्कालिक मजबूती मिली है. शेयरों में भी इसका असर दिखा है. हालांकि कर्ज, फंडिंग और कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं. आने वाला समय तय करेगा कि यह बदलाव कंपनी के लिए टर्निंग पॉइंट बनता है या नहीं.

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कुमार मंगलम बिड़ला इस पद पर रविंदर टक्कर की जगह लेंगे. (PTI)

नई दिल्ली. टेलीकॉम सेक्टर की सबसे ज्यादा दबाव झेल रही कंपनियों में से एक वोडाफोन आइडिया के लिए मई 2026 की शुरुआत बड़े बदलाव लेकर आई है. एक तरफ कंपनी के बोर्डरूम में अहम फेरबदल हुआ है, तो दूसरी तरफ सरकार से मिली राहत ने निवेशकों की उम्मीदों को फिर से जगा दिया है. लंबे समय से कर्ज और गिरते मार्केट शेयर से जूझ रही कंपनी अब एक नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है. बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ये बदलाव सिर्फ खबरों तक सीमित रहेंगे या वाकई कंपनी के प्रदर्शन में भी दिखेंगे. फिलहाल जो संकेत मिल रहे हैं, वे बताते हैं कि हालात पहले से बेहतर जरूर हुए हैं, लेकिन रास्ता अभी भी आसान नहीं है.

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने 5 मई 2026 से कुमार मंगलम बिड़ला को अपना नया नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया है. उन्होंने रविंदर टक्कर की जगह ली है, जो अब वाइस चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे. यह बदलाव सिर्फ पद का नहीं, बल्कि रणनीति का भी संकेत माना जा रहा है. बिड़ला का फिर से चेयरमैन बनना यह दिखाता है कि प्रमोटर समूह अब कंपनी को स्थिर करने और आगे बढ़ाने में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है. टक्कर का बोर्ड में बने रहना निरंतरता बनाए रखने में मदद करेगा.

AGR में राहत ने दी बड़ी सांस

कंपनी के लिए सबसे बड़ी राहत सरकार की तरफ से आई है. AGR बकाये में करीब 27 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है. अब यह रकम घटकर लगभग 64,046 करोड़ रुपये रह गई है. पहले यह करीब 87,695 करोड़ रुपये थी. इससे भी अहम बात यह है कि इस संशोधित राशि पर अतिरिक्त ब्याज नहीं लगेगा. साथ ही भुगतान की समयसीमा को काफी आगे बढ़ा दिया गया है. अब ज्यादातर भुगतान 2036 से 2041 के बीच करना होगा. इसका मतलब है कि अगले कई सालों तक कंपनी पर कैश फ्लो का दबाव कम रहेगा.

शेयरों में दिखी तेजी, लेकिन क्या यह टिकेगी

इन दो बड़े बदलावों का असर शेयर बाजार में तुरंत दिखा. 4 और 5 मई को कंपनी के शेयर में 10 प्रतिशत तक की तेजी आई और कीमत एक बार को 11 रुपये के ऊपर भी पहुंच गई. कुछ ब्रोकरेज हाउस जैसे सिटी रिसर्च ने भी इस राहत के बाद शेयर के लिए 14 रुपये तक का लक्ष्य दिया है. इसका मतलब है कि मौजूदा स्तर से अभी भी ऊपर की गुंजाइश दिख रही है. लेकिन बाजार सिर्फ खबरों पर नहीं, बल्कि कंपनी के असली प्रदर्शन पर चलता है. इसलिए आने वाले महीनों में फंडिंग, नेटवर्क विस्तार और ग्राहक जोड़ने की रफ्तार ज्यादा अहम होगी.

अभी भी बनी हुई हैं बड़ी चुनौतियां

राहत मिलने के बावजूद कंपनी पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में नहीं है. स्पेक्ट्रम बकाये के रूप में अभी भी करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज बना हुआ है. यह कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव बनाए रखेगा. इसके अलावा कंपनी को अपने नेटवर्क में निवेश बढ़ाना है. इसके लिए वह भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से करीब 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने की कोशिश कर रही है. यह पैसा 5G रोलआउट और नेटवर्क सुधार में लगाया जाएगा.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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