Thursday, May 14, 2026
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मारुति ने रेलवे के साथ मिलकर ऐसा क्या किया, रिकॉर्ड ही बन गया!


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मारुति सुजुकी ने भारतीय रेलवे के जरिए 30 लाख से ज्यादा वाहनों की डिलीवरी करके बड़ा रिकॉर्ड बना लिया है. कंपनी ने बताया कि 2014 के बाद रेल आधारित वाहन ढुलाई में करीब 9 गुना की बढ़ोतरी हुई है. अब कंपनी के कुल वाहन डिस्पैच में रेलवे की हिस्सेदारी 26.5 फीसदी तक पहुंच चुकी है. कंपनी आने वाले वर्षों में रेलवे के जरिए वाहन परिवहन को और बढ़ाने की तैयारी में है. मारुति सुजुकी का लक्ष्य 2030-31 तक रेल आधारित डिस्पैच को 35 फीसदी तक पहुंचाना है. इसके लिए कंपनी ग्रीन लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और नई रेलवे साइडिंग्स पर बड़ा निवेश कर रही है.

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कंपनी ने रेलवे नेटवर्क के जरिए 30 लाख से अधिक वाहनों की डिलीवरी पूरी कर ली है. (IANS)

नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल कंपनी मारुति सुजुकी ने भारतीय रेलवे के साथ मिलकर एक बड़ा रिकॉर्ड बना लिया है. कंपनी ने रेलवे नेटवर्क के जरिए 30 लाख से अधिक वाहनों की डिलीवरी पूरी कर ली है. यह उपलब्धि सिर्फ बिक्री या सप्लाई तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में तेजी से बढ़ते ग्रीन लॉजिस्टिक्स मॉडल की भी बड़ी मिसाल मानी जा रही है. कंपनी के मुताबिक पिछले एक दशक में रेलवे के जरिए वाहन भेजने की रफ्तार में जबरदस्त तेजी आई है. वित्त वर्ष 2014-15 में कंपनी के कुल वाहन डिस्पैच में रेलवे की हिस्सेदारी सिर्फ 5 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 2025-26 में 26.5 फीसदी तक पहुंच गई है. यानी 2014 के बाद रेल आधारित माल ढुलाई में लगभग 9 गुना की बढ़ोतरी हुई है.

मारुति सुजुकी ने बताया कि 20 लाख से 30 लाख वाहनों की रेल डिलीवरी का सफर केवल 21 महीनों में पूरा हुआ. कंपनी के इतिहास में यह पहली बार है जब रेलवे के जरिए 10 लाख अतिरिक्त वाहनों की ढुलाई इतनी तेजी से हुई है. कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि यह उपलब्धि मारुति सुजुकी की ग्रीन लॉजिस्टिक्स रणनीति का अहम हिस्सा है. उन्होंने कहा कि रेलवे आधारित ट्रांसपोर्ट से कार्बन उत्सर्जन कम होता है, ईंधन की बचत होती है और सड़कों पर ट्रैफिक दबाव भी घटता है.

पीएम गति शक्ति योजना से मिला बड़ा फायदा

मारुति सुजुकी ने केंद्र सरकार की पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की भी तारीफ की. कंपनी का कहना है कि इस योजना ने मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है. इससे उद्योगों के लिए रेलवे आधारित माल ढुलाई को अपनाना आसान हुआ है. कंपनी ने ग्रीन लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 13,720 मिलियन रुपये से ज्यादा निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है. इसके अलावा हरियाणा के खरखोदा में बनने वाली नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में इन-प्लांट रेलवे साइडिंग भी तैयार की जाएगी.

दो प्लांट्स में पहले से रेलवे साइडिंग

मारुति सुजुकी फिलहाल देश की पहली और एकमात्र पैसेंजर व्हीकल कंपनी है, जिसके दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में रेलवे साइडिंग सुविधा मौजूद है. इनमें गुजरात का हंसलपुर प्लांट और हरियाणा का मानेसर प्लांट शामिल हैं. इन दोनों सुविधाओं की संयुक्त वार्षिक डिस्पैच क्षमता 7.5 लाख वाहनों की है. कंपनी का रेल नेटवर्क फिलहाल 22 हब्स के जरिए देश के 600 से अधिक शहरों तक वाहन पहुंचा रहा है.

2030 तक बड़ा लक्ष्य

मारुति सुजुकी अब रेलवे आधारित वाहन डिस्पैच को और तेजी से बढ़ाने की तैयारी में है. कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि वित्त वर्ष 2030-31 तक कुल वाहन परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी 35 फीसदी तक पहुंचाई जाएगी. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी की लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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