Thursday, May 14, 2026
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P-टाइप या N-टाइप? कौन सा सोलर पैनल है बेहतर? छत पर लगाने से पहले समझें पूरा गणित


सोलर पैनल आजकल बिजली का नया और लोकप्रिय स्त्रोत बनकर उभरा है। सरकार के सोलर मिशन की वजह से पारंपरिक पावरग्रिड का लोड सोलर पैनल से पैदा होने बिजली की वजह से कम हो रहा है। यही कारण है कि लोग अपने घर की छतों पर सोलर पैनल लगा रहे हैं, ताकि बिजली का बिल न के बराबर आए। हालांकि, सोलर सिस्टम लगाने का खर्च ज्यादा आता है, जिसकी वजह से सरकार इस पर सब्सिडी भी दे रही है। अगर, आप भी अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाना चाहते हैं तो इसके टाइप और क्षमता के बारे में आपको पता होना चाहिए।

P-टाइप और N-टाइप सोलर पैनल

इन दिनों मार्केट में दो तरह- P टाइप और N- टाइप के सोलर पैनल उपलब्ध हैं। ये दोनों ही पैनल अलग-अलग टेक्नोलॉजी पर काम करती हैं, जिसकी वजह से इनकी कीमत और क्षमता में अंतर है। इन दोनों पैनल में से आपको किसका चुनाव करना चाहिए, इसके बारे में जानते हैं….

P- टाइप सोलर पैनल में सिलिकन और बोरॉन के बीच केमिकल रिएक्शन होता है, जिसकी वजह से इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट होती है। यह सोलर पैनल आपको बाजार में आसानी से मिल जाएगा। वहीं, N टाइप सोलर पैनल में सिलिकन के साथ फास्फोरस का केमिकल रिएक्शन होता है। ये सोलर पैनल आसानी से नहीं मिलते हैं। केवल कुछ चुनिंदा कंपनियां ही N- टाइप का सोलर पैनल बनाती हैं।

Image Source : SOLAR SQUAREN टाइप सोलर पैनल

कौन सा सोलर पैनल है बेहतर?

P- टाइप सोलर पैनल में इस्तेमाल किया गया बोरॉन हवा में मौजूद ऑक्सीजन के साथ रिएक्ट होकर बोरॉन-ऑक्सीजन डिफेक्ट क्रिएट करता है। इस डिफेक्ट की वजह से सोलर पैनल में LID यानी लाइट इंड्यूस्ड डिग्रेडेशन क्रिएट होता है, जो पैनल की क्षमता को परमानेंट डिग्रेड यानी कम कर देती है। जैसे ही P टाइप सोलर पैनल पहली बार धूप के संपर्क में आता है, इसमें LID क्रिएट हो जाता है। इसी वजह से इसकी परफॉर्मेंस समय के साथ धीरे-धीरे कम होती जाती है।

N- टाइप सोलर पैनल में बोरॉन नहीं होता है, जिसकी वजह से LID केवल नाम मात्र का होता है, जिसकी वजह से पुराने होने पर भी इसकी क्षमता बरकरार रहती है। P- टाइप पैनल को एक बार इंस्टॉल करने के बाद 10 साल तक अच्छी बिजली पैदा की जा सकती है। वहीं, N टाइप पैनल से आप कम से कम 12 साल तक बिजली पैदा कर सकते हैं। क्योंकि इनमें डिग्रेडेशन न के बराबर होता है, इसलिए ये लंबे समय तक यूज किए जा सकते हैं।

Solar Panel

Image Source : SOLAR SQUAREP टाइप सोलर पैनल

कौन सा सोलर पैनल घर पर लगाएं?

P टाइप और N टाइप सोलर पैनल की परफॉर्मेंस की बात करें तो N टाइप में आपको बेहतर पावर जेनरेशन देखने को मिलता है। साथ ही, यह लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसकी कीमत P टाइप के मुकाबले बहुत ज्यादा होती है। N टाइप वाले सोलर पैनल खास तौर पर कमर्शियली और पावरग्रिड के लिए यूज होते हैं। वहीं, P टाइप वाले पैनल की कैपेसिटी N टाइप के मुकाबले 4% तक ही कम होती है। अफोर्डेबल और आसानी से उपलब्ध होने की वजह से इन्हें घरों की छतों पर लगाना फायदेमंद साबित हो सकता है।

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