Monday, May 18, 2026
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NSE के निफ्टी50 से विप्रो को बाहर करेगा बीएसई? कैसा होगा ये खेल, समझें


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शेयर बाजार में इस समय एक बड़े इंडेक्स बदलाव की चर्चा तेज हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीएसई लिमिटेड (BSE Ltd) जल्द ही निफ्टी50 (Nifty50) में एंट्री कर सकती है, जबकि आईटी दिग्गज विप्रो को इंडेक्स से बाहर किया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो बाजार में सैकड़ों मिलियन डॉलर का पैसा इधर से उधर हो सकता है. एक्सिस कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2026 से लागू होने वाले निफ्टी रीबैलेंसिंग में बीएसई सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी है. इसकी वजह कंपनी का तेजी से बढ़ा फ्री फ्लोट मार्केट कैप है, जो अब विप्रो से काफी आगे निकल चुका है.

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निफ्टी इंडेक्स में बदलाव एक तय नियम के तहत होता है. (Photo-AI)

नई दिल्ली. भारतीय शेयर बाजार में आने वाले महीनों में एक बड़ा इंडेक्स बदलाव देखने को मिल सकता है. बाजार में चर्चा है कि बीएसई लिमिटेड जल्द ही देश के सबसे अहम शेयर बाजार इंडेक्स निफ्टी50 का हिस्सा बन सकती है. अगर ऐसा होता है तो आईटी कंपनी विप्रो को इंडेक्स से बाहर होना पड़ सकता है. यह बदलाव केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं रहेगा. इसके पीछे अरबों रुपये का पैसिव निवेश जुड़ा होता है. जैसे ही कोई शेयर निफ्टी50 में शामिल होता है, इंडेक्स फंड्स और ईटीएफ्स को उस शेयर को खरीदना पड़ता है. इसी वजह से ऐसे बदलाव कई बार शेयरों में तेज हलचल पैदा कर देते हैं.

घरेलू ब्रोकरेज एक्सिस कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक इस संभावित बदलाव से करीब 657 मिलियन डॉलर का इनफ्लो देखने को मिल सकता है. वहीं भारतीय बाजार से लगभग 225 मिलियन डॉलर का आउटफ्लो भी संभव माना जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक यह अनुमान 45 बिलियन डॉलर के बेंचमार्क फंड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट के आधार पर लगाया गया है. अगर निफ्टी50 में केवल एक शेयर की अदला बदली होती है, तो अकेले उसी बदलाव से करीब 639 मिलियन डॉलर का पैसिव इनफ्लो आ सकता है.

क्यों बाहर हो सकती है विप्रो

निफ्टी इंडेक्स में बदलाव एक तय नियम के तहत होता है. किसी नए शेयर को शामिल करने के लिए उसका एवरेज फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी एएफएमसी इंडेक्स के सबसे छोटे शेयर से कम से कम 1.5 गुना ज्यादा होना चाहिए. मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल बीएसई इस सीमा को पार कर चुकी है और उसका एएफएमसी अब विप्रो से काफी ज्यादा हो गया है. यही वजह है कि विप्रो को बाहर होने का सबसे बड़ा उम्मीदवार माना जा रहा है. बीते कुछ समय में बीएसई के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. बढ़ते डेरिवेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम और मजबूत फाइनेंशियल प्रदर्शन ने कंपनी की मार्केट वैल्यू तेजी से बढ़ाई है.

अगस्त में होगा अंतिम ऐलान

रिपोर्ट के मुताबिक एनएसई इंडाइसेज की ओर से आधिकारिक रीबैलेंसिंग घोषणा अगस्त 2026 के दूसरे हिस्से में की जा सकती है. ये बदलाव 30 सितंबर 2026 से प्रभावी हो सकते हैं. इंडेक्स में शामिल होने या बाहर होने की पात्रता 1 फरवरी से 31 जुलाई तक के छह महीने के औसत आंकड़ों के आधार पर तय की जाएगी. फिलहाल जो अनुमान लगाए जा रहे हैं, वे 15 मई 2026 तक के डेटा पर आधारित हैं.

निफ्टी नेक्स्ट50 में भी हो सकते हैं बदलाव

रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी नेक्स्ट50 में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. संभावित शामिल होने वाली कंपनियों में पॉलीकैब इंडिया, हिताची एनर्जी इंडिया, इंडसइंड बैंक और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी शामिल हैं. वहीं इंडियन होटल्स कंपनी, आरईसी लिमिटेड, श्री सीमेंट, जायडस लाइफसाइंसेज और मैक्रोटेक डेवलपर्स के बाहर होने की संभावना जताई गई है.

बाजार में दिखी हलचल

इन खबरों के बीच बाजार में उतार चढ़ाव भी देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब 1 प्रतिशत तक टूट गए थे. हालांकि, बाद में बाजार ने कुछ रिकवरी दिखाई. अंत में सेंसेक्स 77.05 अंक बढ़कर 75,315 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 6.45 अंक की बढ़त के साथ 23,650 के स्तर पर बंद हुआ.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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