Saturday, May 30, 2026
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बैठक में कलेक्टर-जेडीसी के नहीं आने पर सांसद-विधायक भड़के: गोपाल शर्मा बोले- अफसरों को द्रव्यवती से नहीं, पैसे से मतलब; ब्यूरोक्रेसी के रवैये पर उठाए सवाल – Jaipur News




जयपुर के द्रव्यवती प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्ट्रेट में बुलाई गई बैठक में कलेक्टर संदेश नायक,जेडीसी सिद्धार्थ महाजन की गैर मौजूदगी पर बीजेपी सासंद और विधायकों ने जमकर नाराजगी जताई। जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने खरी-खोटी सुनाते हुए ब्यूरोक्रेसी के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि अफसरों को द्रव्यवती नदी से नहीं द्रव्य (पैसे) से मतलब है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए- ‘लगता है, कलेक्टर, कमिश्नर, जेडीसी सभी ने एक ही दिन छुट्‌टी ले ली।’ सांसद, विधायकों के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद कलेक्टर पहुंचे। सांसद-विधायकों ने जताई नाराजगी, पढ़िए- सांसद भड़के, विशेषाधिकार हनन में कार्रवाई की दे दी चेतावनी जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने अफसरों के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- द्रव्यवती पर बैठक है और जिम्मेदार अफसर गायब हैं। कितनी बार से द्रव्यवती पर चर्चा हो रही है लेकिन गंभीरता का आलम यह है कि जिम्मेदार ही बैठक में नहीं आते। सांसद ने गुस्से में विशेषाधिकार हनन में कार्रवाई करने तक की चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक का प्रोटोकॉल आपसे बहुत हाई होता है। हमें कुछ प्रिविलेज हैं, हम तो साधारण लोग हैं इसलिए कुछ करना नहीं चाहते। हम चाहें तो बहुत कुछ कर सकते हैं, एक तरफ लोकसभा है, दूसरी तरफ विधानसभा है।
विधायक गोपाल शर्मा बोले- अफसरों को द्रव्य (पैसे) से मतलब बैठक में सिविल लाइंस से बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने अफसरों के कामकाज की शैली पर जमकर सवाल उठाए और तंज कसा। गोपाल शर्मा ने कहा- अफसरों को द्रव्यवती से मतलब ही नहीं है। कोई काम ही नहीं करना चाहता। जनप्रतिनिधियों को पूछकर काम नहीं किए जा रहे हैं। द्रव्यती पर बैठक बुला ली लेकिन सभी छुट्टी पर चले गए हैं। जयपुर से सांसद मंजू शर्मा ने भी नाराजगी जतताते हुए कहा कि हम इस मुद्दे को लोकसभा तक उठाएंगे। अफसरों का यह बर्ताव ठीक नहीं है, ऐसा कैसे कर सकते है। बैठक बुलाकर खुद ही नहीं आए। बैठक में घंटे भर बाद पहुंचे कलेक्टर बैठक में कलेक्टर संदेश नायक घंटे भर की देरी से पहुंचे थे जबकि सासंद और विधायक पहले ही पहुंच गए थे। जेडीसी और नगर निगम आयुक्त बैठक में नहीं पहुंचे, उनकी जगह जूनियर अफसरों को भेजा गया। यह बैठक पहले से तय थी। आम तौर पर सांसद, विधायकों वाली बैठक में कलेक्टर सहित सभी सीनियर अफसर मौजूद रहते हैं। इसी बात पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। अफसरों के कामकाज के तरीकों पर पहले भी सवाल उठ चुके बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा पहले भी अफसरों के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं। गोपाल शर्मा ने अफसरों पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करने के आरोप लगाए थे। विधानसभा में भी कई बार यूडीएच सहित कई विभागों के मुद्दे उठाते हुए उन्होंने बिना विधायक से पूछे सिविल लाइंस में जेडीए और ​नगर निगम की तरफ से विकास के कामों में मनमानी के आरोप लगाए थे।



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