दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सोमवार दोपहर सागर नाका के पास बनी कृषि उपज मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान मंडी में कई गड़बड़ियां और अव्यवस्थाएं सामने आईं, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर ने मंडी सचिव को तुरंत सारे इंतजाम सुधारने के निर्देश दिए और साथ ही किसानों को 5 रुपए में भरपेट खाना देने की व्यवस्था शुरू करने को कहा। कलेक्टर ने मंडी प्रशासन को साफ शब्दों में कहा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिलना चाहिए। नीलामी और तौल (वजन) का काम पूरी ईमानदारी से हो और किसानों को समय पर उनका पूरा पैसा मिल जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों से सिर्फ सरकार द्वारा तय की गई फीस ही ली जाए, किसी भी तरह की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों की शिकायत, अनाज चोरी और भारी टैक्स मंडी में मौजूद किसानों ने कलेक्टर को अपनी परेशानियां बताईं, जिस पर उन्होंने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए- किसानों ने शिकायत की कि मंडी से उनका अनाज चोरी हो जाता है, जिस पर कलेक्टर ने सुरक्षा बढ़ाने और चोरी रोकने के आदेश दिए। सरकार की तरफ से मंडी में फ्री शौचालय की सुविधा है, लेकिन वहां किसानों से 10 रुपए वसूले जा रहे थे। कलेक्टर ने इस अवैध वसूली को तुरंत बंद कराया। नियमानुसार प्रति बोरी केवल 9.50 रुपए का शुल्क होना चाहिए, लेकिन किसानों से 22 रुपए लिए जा रहे थे। इस पर भी कलेक्टर ने सुधार करने को कहा। कैंटीन पहुंचे कलेक्टर, किसानों के साथ खाए समोसे किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच करने के लिए कलेक्टर खुद कैंटीन पहुंचे। वहां उन्होंने पीने के पानी और खाने की क्वालिटी देखी। जमीनी हकीकत जानने के लिए उन्होंने खुद भी किसानों के साथ बैठकर समोसे खाए। इस मौके पर उनके साथ किसान संघ, व्यापारी संघ और हम्माल संघ के अध्यक्ष भी मौजूद रहे।
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कलेक्टर ने कृषि मंडी में अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी: किसानों को 5 रुपए में भरपेट भोजन देने के निर्देश, फ्री शौचालय पर 10-10 रुपए लिए जा रहे – Damoh News
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