Wednesday, June 3, 2026
Homeराज्यबिहारइलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर 1 लाख की सहायता मिलेगी: जून में...

इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर 1 लाख की सहायता मिलेगी: जून में 200 इलेक्ट्रिक बस शुरू होगी, बिहार सरकार ने की महत्वपूर्ण योजनाएं लागू – Patna News




परिवहन विभाग में आज परिवहन मंत्री दामोदर राउत ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने, सड़क सुरक्षा मजबूत करने और परिवहन सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं। परिवहन विभाग के अनुसार इन पहलों का उद्देश्य प्रदूषण कम करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026: प्रदूषण कम करने और रोजगार बढ़ाने पर जोर राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति-2026 को मंजूरी दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य बिहार में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्य में होने वाले नए वाहन पंजीकरणों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इससे न केवल प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि ईवी निर्माण, बिक्री और रखरखाव के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार आर्थिक सहायता भी दे रही है। मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन खरीदने पर एक लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग को 10 हजार रुपये और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को 12 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं मालवाहक इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग को 50 हजार और एससी-एसटी वर्ग को 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। इससे युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पूरे राज्य में बढ़ेगा ईवी चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क उन्होंने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में आने वाली सबसे बड़ी चुनौती यानी चार्जिंग सुविधा को दूर करने पर भी काम कर रही है। राज्यभर में आधुनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। हाईवे, पेट्रोल पंप, होटल, शॉपिंग मॉल और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में भी चार्जिंग की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। छह शहरों में 400 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार के छह प्रमुख शहरों में कुल 400 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन किया जाएगा। योजना के पहले चरण में 200 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें इसी महीने सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। इन बसों के परिचालन से शहरी परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित तथा प्रदूषण मुक्त सफर की सुविधा मिलेगी। साथ ही डीजल बसों पर निर्भरता भी कम होगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए चल रही पिंक बस सेवा महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पिंक बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में विभिन्न मार्गों पर 100 पिंक बसें चल रही हैं। इन बसों में सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन और जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही महिला चालकों और परिचालकों को रोजगार से जोड़कर महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पीपीपी मॉडल पर बनेंगे 31 आधुनिक बस टर्मिनल बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पीपीपी मॉडल पर 31 आधुनिक बस पड़ावों का निर्माण कराया जा रहा है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया समेत कई प्रमुख शहरों में बनने वाले इन बस टर्मिनलों पर यात्रियों को आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आईटीएमएस से ट्रैफिक व्यवस्था होगी स्मार्ट राज्य में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को तेजी से लागू किया जा रहा है। पहले चरण में 200 महत्वपूर्ण स्थानों पर इसकी स्थापना की जा चुकी है। अब अगले चरण में 300 और स्थानों को इससे जोड़ा जाएगा। साथ ही सभी 38 जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं, जहां से ट्रैफिक व्यवस्था की डिजिटल निगरानी की जाएगी। इससे जाम की समस्या कम करने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। ANPR कैमरे करेंगे नियम तोड़ने वालों की पहचान राज्य के प्रमुख चौराहों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों की स्वतः पहचान करेंगे। इसके बाद संबंधित वाहन मालिक को ऑनलाइन ई-चालान भेज दिया जाएगा। इससे सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन दोनों को मजबूती मिलेगी। अब BBPS से आसानी से भर सकेंगे ई-चालान परिवहन विभाग ने ई-चालान भुगतान व्यवस्था को भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) से जोड़ दिया है। इससे वाहन मालिक अपने लंबित चालानों का भुगतान देश के किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कर सकेंगे। यह व्यवस्था आरबीआई से मान्यता प्राप्त और पूरी तरह सुरक्षित है, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बन गई है। सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा कैशलेस इलाज प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण “गोल्डन ऑवर” में पीड़ितों को चिन्हित अस्पतालों में कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य समय पर उपचार देकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना और पीड़ित परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना है। परिवहन विभाग की 50 सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन लोगों को आरटीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देने के लिए परिवहन विभाग ने 50 सेवाओं को पूरी तरह फेसलेस और ऑनलाइन बना दिया है। अब नागरिक घर बैठे लर्निंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण, डुप्लीकेट परमिट और अन्य कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे समय की बचत के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ी है। लोक अदालत में ई-चालान निपटाने पर मिलेगी 50% तक छूट लंबित ई-चालान मामलों के निपटारे के लिए एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026 चलाई जा रही है। इस योजना के तहत लोक अदालत के माध्यम से पुराने मामलों का निपटारा कराने पर चालान राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। 90 दिनों से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। परिवहन विभाग का राजस्व 4,191 करोड़ रुपये पहुंचा मंत्री ने जानकारी दी कि डिजिटल सेवाओं और पारदर्शी व्यवस्था का असर विभाग की आय पर भी दिखाई दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य का 103 प्रतिशत हासिल करते हुए 4,191 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया है। विभाग का कहना है कि ऑनलाइन और फेसलेस सेवाओं के विस्तार से राजस्व संग्रह की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुई है।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments