श्री क्षत्रिय युवक संघ के आनुसंगिक संगठन श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के तत्वावधान में आशापुरा मंदिर परिसर में जिलास्तरीय राजकीय कर्मचारी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित कर तथा संघ के संस्थापक पूज्य तन सिंह के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ किया गया।
कार्यशाला में जिले के विभिन्न विभागों के राजकीय कर्मचारियों ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए। इस दौरान समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन, अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने तथा उन्हें अधिकतम लाभ दिलाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में महावीर सिंह गुड़ा भीमसिंह, राजेंद्र सिंह गुड़ा, सूरसिंह, प्रेमपाल सिंह मुंडारा, दलपत सिंह गुड़ा, केसर सिंह, भवानी सिंह सादड़ा, परबत सिंह खिंनदारा एवं विचित्र सिंह मगरतलब सहित कई वक्ताओं ने समाज हित से जुड़े विचार रखे।
जयपुर से आए श्री क्षत्रिय युवक संघ के केंद्रीय कार्यकारी सदस्य रेवंत सिंह पाटोदा ने कहा कि राजकीय सेवा में रहते हुए अन्य समाजों के लोगों के साथ बेहतर समन्वय और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं की सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया।
फाउंडेशन के जिला प्रभारी कुन्दन सिंह खैरवा ने बताया कि आगामी महीनों में आयोजित होने वाले शिविरों एवं कार्यक्रमों की रूपरेखा पर प्रांत प्रमुख हीर सिंह लौड़ता के साथ चर्चा की गई। वहीं संभाग प्रमुख मोहब्बत सिंह धींगाना ने नए कैलेंडर वर्ष के अनुसार अधिक से अधिक बालक-बालिकाओं को शिविरों में भेजने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन दिग्विजय सिंह कोलीवाड़ा ने किया। ऑनलाइन फिजियोथेरेपी सत्र आयोजित
स्वावलम्बन फाउंडेशन की ओर से मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से प्रभावित लोगो एवं केयरगिवर्स (देखभालकर्ताओ) के लिए ऑनलाइन फिजियोथेरेपी सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से 70 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
बता दे कि मस्कुलर डिस्ट्रॉफी एक आनुवंशिक एवं प्रगतिशील दुर्लभ बीमारी है, जिसमें शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होती जाती हैं और समय के साथ उनका क्षय होने लगता है। इस बीमारी का प्रभाव चलने-फिरने, बैठने, खड़े होने, हाथों की गतिविधियों तथा श्वसन क्रिया पर भी पड़ सकता है। कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता डॉ. संदीप कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, फिजियोथेरेपी कॉलेज, बाबा फरीद स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, फरीदकोट रहे। उन्होंने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से प्रभावित व्यक्तियों के लिए नियमित व्यायाम, स्ट्रेचिंग, जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने, श्वसन संबंधी व्यायाम तथा दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली फिजियोथेरेपी तकनीकों के बारे में जानकारी दी।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों एवं केयरगिवर्स द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए तथा घर पर सुरक्षित रूप से किए जा सकने वाले व्यायामों के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर स्वावलंबन फाउंडेशन के फ़ाउंडर डॉ वैभव भंडारी ने संस्था की ओर से मस्कुलर डिस्ट्रॉफी एवं दुर्लभ बीमारियों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, जागरूकता अभियानों, सहायता कार्यक्रमों तथा पुनर्वास प्रयासों की भी जानकारी साझा की और भविष्य में भी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी योद्धाओं एवं उनके परिवारों के लिए ऐसे ज्ञानवर्धक एवं सहायक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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