Friday, June 26, 2026
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बारिश में खतरा बन सकते हैं 106 जर्जर मकान: ग्वालियर नगर निगम की चेतावनी; नहीं तोड़े तो खुद ढहाकर वसूला जाएगा खर्च – Gwalior News




ग्वालियर में मानसून की दस्तक से पहले जर्जर भवन लोगों की चिंता का कारण बने हुए हैं। नगर निगम ने 151 खतरनाक भवनों की पहचान कर भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन अब भी 106 भवन विभिन्न क्षेत्रों में जर्जर हालत में खड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बारिश के साथ किसी भी समय दीवार या पूरा मकान गिरने का खतरा बना रहता है। नगर निगम के अनुसार इस वर्ष चिन्हित 151 जर्जर भवनों में से 45 भवन स्वामियों ने स्वयं अपने मकान हटा दिए हैं, जबकि 106 भवन अब भी कार्रवाई की प्रतीक्षा में हैं। इनमें कई पुराने कच्चे पाटौर और जर्जर मकान शामिल हैं, जिनकी दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं और कई स्थानों पर पेड़-पौधे तक उग आए हैं। आयुक्त ने लिखा कलेक्टर को पत्र हाल ही में संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के आयुक्त संकेत भोंडवे ने कलेक्टर रुचिका चौहान को पत्र लिखकर बारिश से पहले सभी खतरनाक भवनों को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई की रफ्तार धीमी बनी हुई है। हर वर्ष मानसून से पहले नोटिस जारी किए जाते हैं, लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से हादसों की आशंका बनी रहती है। दीवारों में उग आए पौधे शहर के कई इलाके सबसे अधिक संवेदनशील माने जा रहे हैं। छप्परवाला पुल स्थित डॉक्टर सराफ की गली में एक जर्जर भवन की दीवारों में बरगद का पेड़ उग आया है, जबकि नीचे दुकानें संचालित हो रही हैं। लक्ष्मणपुरा में कई पुराने पाटौर जर्जर अवस्था में हैं। लक्कड़खाना पुल के पास स्थित पुराने भवन को नाला चौड़ीकरण के तहत हटाने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं भूतेश्वर मंदिर किला गेट और मैनावाली गली के मुख्य बाजार क्षेत्र में भी कई भयप्रद भवन लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। पिछले साल हुए थे हादसे बीते वर्ष बारिश के दौरान जर्जर भवन गिरने से कई दर्दनाक हादसे हुए थे। 13 जून को शंकरपुर में दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हुई थी। 30 जुलाई को गेंडेवाली सड़क पर मकान का छज्जा गिरने से दो लोगों की जान चली गई। 5 अगस्त को हुजरात क्षेत्र में एक मकान ढह गया था, जबकि 25 अगस्त को रंगियाना मोहल्ले में मकान गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई थी और पिता-पुत्री घायल हुए थे। भवन स्वामी नहीं हटाएंगे तो हम तोड़ेंगे नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने बताया कि सभी चिन्हित भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। निगम की प्राथमिकता है कि भवन स्वामी स्वयं अपने जर्जर भवन हटाएं। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो मानसून से पहले नगर निगम स्वयं कार्रवाई कर भवन ध्वस्त करेगा और उसकी लागत संबंधित भवन स्वामी से वसूली जाएगी। हालांकि शहरवासियों का कहना है कि अब केवल नोटिस और आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। उनका मानना है कि बारिश शुरू होने से पहले सभी खतरनाक भवनों को हटाना जरूरी है, ताकि किसी भी बड़े हादसे से जनहानि को रोका जा सके।



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