अररिया जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग में अनियमितता और लापरवाही के आरोप में पांच कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की है। यह कदम डीएम विनोद दूहन के निर्देश पर उठाया गया है, जिसका उद्देश्य सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है। सभी संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध आरोप पत्र (प्रपत्र-क) गठित किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, अंचल कार्यालय अररिया में कार्यरत रहे और वर्तमान में पलासी में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी पवन कुमार पंडित पर जमाबंदी में छेड़छाड़ का आरोप है। इसी तरह, अंचल कार्यालय नरपतगंज की राजस्व कर्मचारी रेणु कुमारी पर भी जमाबंदी में हेरफेर करने के आरोप में कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, नरपतगंज में कार्यरत रहे और वर्तमान में जोकीहाट अंचल कार्यालय में पदस्थापित जितेंद्र कुमार पर आय से अधिक संपत्ति सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फारबिसगंज अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी विकास कुमार और राजेश कुमार शशि पर नामांतरण तथा कंप्यूटरीकृत परिमार्जन से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने का आरोप है। डीएम विनोद दूहन ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में अनियमितता, भ्रष्टाचार या लापरवाही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई डीएम ने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले कर्मियों को यह स्पष्ट संदेश गया है कि प्रशासन जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाए हुए है।
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