सहरसा के सलखुआ थाने में पुलिस-दलालों की मिलीभगत और मादक पदार्थों के सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। DGP के निर्देश पर कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) ने सलखुआ थाने का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के बाद थानाध्यक्ष समेत 11 पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस मुख्यालय को गुप्त सूचना मिली थी कि सलखुआ थाने में सतीश कुमार नामक दलाल, थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और महिला सब-इंस्पेक्टर रविता कुमारी के माध्यम से दलाली का रैकेट चला रहा था। इसके अतिरिक्त, आरोपी सतीश का भाई चंद्रकिशोर रजक क्षेत्र में मादक पदार्थों का एक बड़ा सिंडिकेट संचालित कर रहा था। इस गंभीर सूचना के सत्यापन के लिए 2 जुलाई को डीआईजी ने स्वयं सलखुआ थाने में औचक दबिश दी। जांच के दौरान थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और दलाल सतीश कुमार के बीच मोबाइल फोन के जरिए लगातार संपर्क में रहने के पुख्ता सबूत मिले।
पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवार को रोका इसके बाद, गोसपुर मंदिर के पास एक नीले रंग की पल्सर बाइक पर जा रहे संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। उसकी तलाशी में एक काले बैग से लैपटॉप, की-बोर्ड, माउस, चार्जर और पिपरा, सलखुआ तथा नवहट्टा थाने की गोपनीय मूल कांड दैनिकी (केस डायरी) बरामद हुई। मामले की संवेदनशीलता और गोपनीयता भंग होने की गंभीरता को देखते हुए सिमरी-बख्तियारपुर के SDPO के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कथित दलाल सतीश कुमार को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ सलखुआ थाना में कांड संख्या 0-107/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। थानेदार समेत 11 पुलिसकर्मी पर कार्रवाई इस भ्रष्टाचार और दलाली के नेटवर्क में संलिप्तता पाए जाने के बाद सलखुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और रविता कुमारी सहित कुल 11 पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा इन सभी के खिलाफ विभागीय और कानूनी जांच तेज कर दी गई है। इस कार्रवाई में 3 जिलों के थानाध्यक्ष समेत 11 पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हुई है। इनमें सलखुआ थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह, सलखुआ थाना के पुलिस अवर निरीक्षक सुबह लाल पासवान, सहरसा के नवहट्टा थाना के पुलिस और निरीक्षक पंकज कुमार शामिल है। इनके अलावा सुपौल के त्रिवेणीगंज थाना की पुलिस अवर निरीक्षक जूही कुमारी , राघोपुर थाना की पुलिस अवर निरीक्षक शिशुपाल रविदास, पुलिस और निरीक्षक पिंकी कुमारी सुपौल जिला बल को भी निलंबित किया गया है। वहीं, मधेपुरा के भर्राही थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अमोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक चंद्रजीत प्रभाकर मधेपुरा जिला बल, सहायक और निरीक्षक मनीषा कुमारी मधेपुरा जिला बल, पुलिस अवर निरीक्षक ज्योतिष कुमार थाना अध्यक्ष घैलाढ़ मधेपुरा जिला बल, को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध डीआईजी ने अग्रतार कार्रवाई के लिए लिखा है।
दलाली की सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक ने आम जनता और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी थाना परिसर या कार्यालय में बाहरी बिचौलियों या अवैध व्यक्तियों द्वारा पैरवी या दलाली की सूचना मिलती है, तो तुरंत वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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