Saturday, July 4, 2026
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बब्बर शेर ‘अजय’ की रिपोर्ट पर डॉक्टर का बड़ा खुलासा: डॉ. नासिर बोले- कैंसर नहीं था, फेफड़े फटने से हुई मौत; आखिरी सांस तक दर्द दबाए रखा – Kanpur News




कानपुर चिड़ियाघर के सबसे बुजुर्ग बब्बर शेर ‘अजय’ की मौत के बाद उसकी मेडिकल रिपोर्ट आ गई है। शनिवार दोपहर 2 बजे डॉ.नासिर ने बताया कि, बरेली की IVRI लैब से आई हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट में कैंसर जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। अजय की मौत असल में फेफड़े फटने (एम्फिसीमा), किडनी फेल होने और कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई थी। शरीर के अंदर इतनी गंभीर बीमारियां होने के बावजूद अजय आखिरी वक्त तक खुद को पूरी तरह ताकतवर दिखाता रहा। कैंसर नहीं, रिपोर्ट में सामने आई ‘एम्फिसीमा’ की गंभीर बीमारी कानपुर जू के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. नासिर ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए समझाया कि, अजय के फेफड़ों में ‘एम्फिसीमा’ नाम की कंडीशन मिली है। दरअसल, फेफड़ों में एक ट्यूमर जैसी गांठ थी। जो अचानक अंदर ही अंदर फट गई थी। जब फेफड़ों में ऐसी कोई चीज फटती है, तो खून बहने के साथ-साथ वहां खाली जगह में हवा भर जाती है। पोस्टमार्टम के दौरान अजय के चेस्ट में करीब 7 लीटर खून जमा मिला था। फेफड़ों की वायु थैलियों में हवा फंस जाने के कारण उसे सांस लेने में भयंकर तकलीफ हो रही थी, वो हांफ रहा था और उसे दहाड़ने में भी दिक्कत आ रही थी। इसके अलावा उसकी किडनी भी काफी बढ़ चुकी थी और पूरी तरह फेल थी। आखिरी वक्त तक दर्द क्यों छुपाते हैं जंगली जानवर? डॉ. नासिर ने जंगली जानवरों के अनोखे मनोविज्ञान के बारे में एक बेहद दिलचस्प बात बताई। उन्होंने कहा कि यही बात उन्हें पालतू जानवरों से अलग बनाती है। पालतू जानवर बीमार होने पर खाना-पीना छोड़ देते हैं, जुगाली बंद कर देते हैं और सुस्त होकर लेट जाते हैं, जिससे मालिक को पता चल जाता है। लेकिन शेर या बाघ जैसे जंगली जीव कभी अपनी कमजोरी जाहिर नहीं होने देते। जंगल का नियम है कि वहां हमेशा शिकार और शिकारी का खतरा बना रहता है। अगर कोई जंगली जानवर खुद को कमजोर दिखाएगा। तो दूसरा जानवर उस पर हमला कर देगा या फिर इंसानों से उसका टकराव बढ़ जाएगा। इसी सर्वाइवल पावर की वजह से अजय अंदरूनी तकलीफों के बावजूद अंत तक दर्शकों के सामने पिंजरे में घूमता और दहाड़ता रहा। सुबह अचानक खून की उल्टी की और थम गईं सांसें अजय ने 18 साल, 3 महीने और 2 दिन की लंबी उम्र पूरी करने के बाद दम तोड़ा। मौत से ठीक एक दिन पहले ही उसने खाना छोड़ा था। अगली सुबह उसने अचानक खून की उल्टी की और अत्यधिक कमजोरी के कारण वो अपना बॉडी वेट नहीं संभाल पा रहा था। शरीर में भारी इंटरनल ब्लीडिंग होने के कारण दिल तक खून वापस नहीं पहुंच पाया, जिससे ‘हाइपोवोलेमिक शॉक’ या कार्डियक अरेस्ट की वजह से उसकी मौत हो गई।



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