खंडवा जिले में वन विभाग की वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के समर्थन में रविवार को आदिवासी कोरकू समाज का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। खंडवा और बुरहानपुर जिले से करीब 5 हजार कोरकू समाज के लोग खंडवा पहुंचे। वन विभाग की कार्रवाई के समर्थन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को देखते हुए शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया। कोरकू समाज के लोग पहले गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में एकत्र हुए, जहां सभा आयोजित की गई। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सीएसपी अभिनव बारंगे सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बोले- जंगल हमारी पहचान और आजीविका का आधार
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कोरकू समाज ने कहा कि उनका अस्तित्व, संस्कृति, परंपराएं और आजीविका जंगलों पर आधारित हैं। जलाऊ लकड़ी, महुआ, चार (चिरौंजी), गोंद, तेंदूपत्ता, औषधीय वन उपज, पशुओं के लिए चारा और अन्य लघु वनोपज से ही हजारों आदिवासी परिवारों का जीवन चलता है। कहा कि, लगातार हो रहे अवैध अतिक्रमण से जंगलों का क्षेत्रफल घट रहा है, वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है और आदिवासी समाज के पारंपरिक निस्तार अधिकारों पर भी असर पड़ रहा है। समाज ने वन विभाग द्वारा भिलाईखेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान का समर्थन करते हुए इसे वन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और आदिवासी हितों के लिए जरूरी बताया। कोरकू समाज ने ज्ञापन में सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
करीब पांच हजार लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और ज्ञापन सौंपने के बाद समाज के लोग वापस लौट गए।
Source link
खंडवा में कोरकू समाज का प्रदर्शन, 5 हजार लोग जुटे: बोले- तीर-गोफन खाएंगे और जंगल को बचाएंगे; वन अतिक्रमण हटाओ – Khandwa News
RELATED ARTICLES

