वैशाली में डबल मर्डर के आरोपी के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। एनकाउंटर में आरोपी जगदीश राय के पैर में दो गोली लगी है। जगदीश राय को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जगदीश राय ने रविवार की सुबह रास्ते के विवाद में सेना के एक जवान और उनके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतकों की पहचान मुनारिक राय (60) और उनके बेटे जितेंद्र कुमार (35) के रूप में हुई थी। डबल मर्डर के बाद जगदीश राय फरार चल रहा था। सोमवार की सुबह पुलिस को उसके लोकेशन की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही जगदीश राय ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की। पुलिस की दो गोली जगदीश राय के पैर में लगी और वो जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने उसके बाद उसे अरेस्ट कर लिया। अब पढ़िए डबल मर्डर की पूरी कहानी आरोपी भतीजा जगदीश राय और मुनारिक राय के बीच जमीन को लेकर विवाद था। दोनों एक ही मकान में रहते थे। जगदीश ने अपने चाचा मुनारिका के घर से निकलने का रास्ता कुछ दिनों पहले बंद कर दिया था। जिसके बाद चाचा ने पुलिस से शिकायत की थी। डायल 112 की पुलिस आई थी, लोगों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया था। उस वक्त भतीजे ने रास्ते खाली करने की बात मानी पर रास्ते को खाली नहीं किया था। पड़ोसियों का कहना है कि जितेंद्र के आने के बाद भतीजे जगदीश राय ने फिर से जमीन विवाद को लेकर अपने चाचा से लड़ाई शुरू कर दी। शनिवार की रात में जगदीश राय और मुनारिक राय के बीच विवाद हुआ था। जगदीश राय ने कहा था कि वो मुनारिक राय का मर्डर कर देगा। पिता को बचाने में जवान की मौत पिता पर फायरिंग की बात सुनकर मुनारिक राय के बेटे जितेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। जगदीश राय ने जितेन्द्र को गोली मार दी। जवान जितेंद्र कुमार 2 दिन पहले अपने बहनोई की मौत के बाद छुट्टी पर घर आए थे। घटनास्थल पर बिदुपुर थाने के पुलिस अधिकारी आदित्य कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मौके से जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए गए हैं। FSL की टीम भी जांच में जुटी है। SDPO सुबोध कुमार ने बताया कि आपसी विवाद में भतीजे ने अपने चाचा और आर्मी जवान भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। मुनारिक राय की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि जवान ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है।दोनों परिवार में रास्ता को लेकर विवाद चल रहा था। कल रात भी आरोपी जवान के परिवार से भिड़े थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन उससे पहले आरोपी फरार हो गए थे। रात में ही हत्या करने वाला थाः पट्टीदार पट्टीदार पप्पू कुमार ने बताया, ‘मैं बरौनी से डयूटी कर कल शाम 7 बजे घर लौटा। 2 दिन से फोन पर घर वाले बता रहे थे कि मुनारिक भइया के घर झगड़ हो रहा है। मामला सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई, जिसमें सरपंच-मुखिया सब लोग आए। लेकिन मुनारिक राय गाली-गलौज करने लगे, जिसके बाद सब लोग चले गए। चाचा-भतीजा में रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। 3 दिन पहले भी बिदुपुर थाना में आवेदन दिया गया था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।’ जीजा की मौत पर घर आए थे जितेंद्र मुनारिक भइया के परिवार में पत्नी, 2 बेटी, एक बेटा और बहू है। एक बेटी की शादी हो चुकी है, जिसके पति की 2 दिन पहले करंट लगने से मौत हो गई। जितेंद्र राय की पोस्टिंग राजस्थान में थी। जितेंद्र कुमार अपने जीजा की मौत पर घर आए हुए थे। उनकी पत्नी और 2 बच्चे मायके गए हुए थे। जितेंद्र राय के साले मिथिलेश कुमार ने बताया, ‘दोनों परिवार के बीच काफी सालों से जमीन विवाद था। शुक्रवार रात भी जितेंद्र राय के साथ पट्टीदारों की बहस हुई थी। मुरली राय ने धमकी दी थी, या तो तुम मुझे मार दो, नहीं तो मैं तुम्हें मार देंगे। पहले भी परिवार से मारपीट हुई थी।’
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