सावन की पहली सोमवारी पर अररिया शहर के विभिन्न शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रसिद्ध मां खरगेश्वरी काली मंदिर और सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर परिसर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालु तड़के ही मंदिरों में एकत्रित होने लगे थे। वे अपने हाथों में फूल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और गंगाजल से सजी पूजा की सामग्री लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित कर रहे थे। “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” और “जय शिव शंकर” के जयकारे इस दौरान भक्तों ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर के पुजारी पंडित कृष्णकांत तिवारी ने बताया कि सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर सुबह 4 बजे भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार किया गया। इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो देर तक जारी रहीं। मंदिर परिसर में भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन रहे। “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” और “जय शिव शंकर” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई महिला, पुरुष, बुजुर्ग और युवा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन किया। कई श्रद्धालुओं ने सावन सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक भी किया। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर समितियों द्वारा पूजा की समुचित व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में जुटे रहे, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस प्रशासन द्वारा भी व्यापक प्रबंध किए गए थे। मंदिर के बाहर डंडा अधिकारी और पुलिस बल की नियुक्ति की गई थी। पूरे दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और शिव भक्ति का सिलसिला जारी रहा, जिससे अररिया शहर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहा।
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