भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन में नई टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में राजस्थान को भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को एक बार फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत को राष्ट्रीय आदिवासी मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा की ओर से घोषित नई टीम में दोनों नेताओं को अहम संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने को राजस्थान की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वसुंधरा राजे को फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे लंबे समय से भाजपा के केंद्रीय संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। इससे पहले 2023 में भी उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। अब नई राष्ट्रीय टीम में भी उन्हें इसी पद पर बरकरार रखा है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर राजे की भूमिका और पार्टी संगठन में उनकी अहमियत का संकेत मिलता है। राजस्थान की 2 बार मुख्यमंत्री रह चुकीं राजे भाजपा की सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। प्रदेश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और संगठन पर पकड़ रही है। ऐसे में राष्ट्रीय संगठन में उन्हें फिर जिम्मेदारी मिलने को राजस्थान के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। पूनिया 2019 से 2023 तक राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। पूनिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने के बाद अब उनका संगठनात्मक दायरा राजस्थान से बढ़कर राष्ट्रीय स्तर तक हो गया है। वर्तमान में वे राजस्थान से राज्यसभा सांसद भी हैं। जून 2026 में पूनिया राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। राजस्थान की सियासत पर भी पड़ेगा असर भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राजस्थान के दो प्रमुख नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश की सियासत में भी इसके अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। एक ओर वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा गया है, वहीं सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाकर पार्टी ने उन्हें संगठन में और बड़ी भूमिका दी है। राजस्थान में भाजपा की सरकार है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पार्टी प्रदेश में सत्ता में है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से राजस्थान भाजपा और राष्ट्रीय संगठन के बीच समन्वय में भी इन नेताओं की भूमिका अहम हो सकती है। संगठन में अनुभव और नए समीकरणों पर फोकस भाजपा की नई टीम में संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं के साथ अलग-अलग राज्यों में प्रभाव रखने वाले चेहरों को जिम्मेदारियां देने की रणनीति पर जोर दिखाई दे रहा है। राजस्थान से राजे और पूनिया की नियुक्ति को भी इसी व्यापक संगठनात्मक रणनीति के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ अब दोनों नेताओं की भूमिका सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रहेगी। राजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ काम करेंगी, जबकि पूनिया राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर संगठन के महत्वपूर्ण कामकाज और चुनावी रणनीति में भूमिका निभा सकते हैं।
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