Monday, August 17, 2026
Homeबिज़नेसफोन खराब हुआ तो कमीशन के पास पहुंचा ग्राहक, कंपनी देगी 55000...

फोन खराब हुआ तो कमीशन के पास पहुंचा ग्राहक, कंपनी देगी 55000 रुपये


नई दिल्ली. एक आम आदमी के लिए 65-70 हजार रुपये का फोन काफी बड़ी बात होती है. फिर भी हिम्मत करके कई बार वो इतना महंगा फोन खरीदते हैं. इस उम्मीद में कि बाकी मोबाइल फोन वाली प्रॉब्लम्स उसमें नहीं होंगी. लेकिन क्या हो कि वो सारी परेशानियां जिससे वह भाग रहा था इस नए महंगे वाले फोन में भी आ जाए. ऐसा ही कुछ हुआ रोहतक के राजबीर फोगाट के साथ. राजबीर पेशे से एक वकील हैं और उन्होंने इसके लिए आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल को ही कोर्ट में खींच लिया.

राजबीर द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार, उन्होंने जनवरी 2024 में आईफोन 15 खरीदा था. उन्हें इसके लिए 64,999 रुपये चुकाने पड़े. फोगाट की माने तो फोन में शुरू से ही गड़बड़ियां दिख रही थीं. उन्होंने इसकी शिकायत सर्विस सेंटर पर की. वहां फोन में कुछ सेटिंग्स चेंज की गई और कहा गया कि अब फोन ठीक चलेगा. ऐसा हुआ नहीं. फोगाट फिर फोन को लेकर सर्विस सेंटर पहुंचे. इस बार उन्हें कस्टमर केयर को कॉल लगाने के लिए कह दिया गया. यहां से भाग-दौड़ का मानो एक नया अध्याय शुरू हो गया.

कभी कस्टमर केयर तो कभी सर्विस सेंटर
फोगाट ने जब कस्टमर केयर से बात की तो उन्हें कहा गया कि फोन अपडेट कर दें, इसके बाद कॉल ड्रॉप और नेटवर्क इश्यू जैसी परेशानियों खत्म हो जाएंगी. आपको बता दें कि फोगाट ने फोन के ओवरहीट होने की भी शिकायत की थी. बहरहाल, उन्होंने फोन अपेडट किया लेकिन कुछ नहीं सुधरा. वह फिर एक बार सर्विस सेंटर गए. इस बार कहा गया कि आप आईक्लाउड स्टोरेज खरीदिए. उन्होंने 75 रुपये महीना पर उसे भी खरीदा. उन्हें फिर कहा गया कि अपना नेटवर्क ही बदलिए उसकी वजह से गड़बड़ हो रही है. उन्होंने ऐसा ही किया. वह जियो से एयरटेल पर शिफ्ट कर गए. फिर भी कुछ नहीं बदला. अंत में सर्विस सेंटर ने उनकी बात सुनने से ही मना कर दिया और कहा कि वे अब राजबीर फोगाट की कोई मदद नहीं कर सकते.

कमीशन के पास पहुंचे फोगाट
इसके बाद वह कंज्यूमर कमीशन के पास पहुंच गए. उन्होंने रिफंड या फोन रिप्लेस करने की मांग रखी. इसके अलावा उन्होंने मानसिक तनाव और रोजमर्रा के काम में पैदा हुई बाधाओं के लिए भी मुआवजा मांगा.

ऐपल बोला- हमारी गलती नहीं
ऐपल ने अपनी गलती मानने से ही इनकार कर दिया. कंपनी ने कहा कि फोन में कोई मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट नहीं था. आईफोन निर्माता के अनुसार, फोन में ‘अन-ऑथोराइज्ड मोडिफिकेशन’ किए गए जिसकी वजह से ऐसा हुआ. कंपनी का कहना था कि फोन के बटन में डस्ट, अन-अथॉराइज्य रीयर कैमरा लैंस, बैक ग्लास और रीयर माइक्रोफोन के साथ गड़बड़ी मिली थी. कंपनी ने यह भी दावा किया कि कस्टमर को जब ये सारी बातें बताई गईं तो उन्होंने फोन को आगे रिपेयर के लिए सर्विस सेंटर ही नहीं भेजा.

जीत कस्टमर की कैसे हुई
रोहतक कंज्यूमर कमीशन ने माना कि ऐपल ने ग्राहक को सही सर्विस नहीं दी. फोगाट ने फोन की खरीद का बिल, कॉल फेल होने के स्क्रीनशॉट और जून 2024 की सर्विस जॉब शीट पेश की थी, जिसमें नेटवर्क, ओवरहीटिंग और ब्लूटूथ जैसी दिक्कतें दर्ज थीं. ऐपल और उसके सर्विस सेंटर ने फोन में कैमरा लेंस और बैक ग्लास से कथित छेड़छाड़ का हवाला दिया, लेकिन इसके सबूत के तौर पर न तो इंजीनियर की रिपोर्ट पेश की गई और न ही कोई स्वतंत्र तकनीकी जांच सामने रखी गई. कमीशन ने कहा कि सिर्फ जॉब शीट में अंदरूनी टिप्पणी दर्ज कर देना यह साबित करने के लिए काफी नहीं है कि ग्राहक ने फोन से छेड़छाड़ की थी.

कितना मिलेगा वापस
कमीशन ने यह भी माना कि फोन वारंटी के दौरान खराब हुआ था और ऐपल ने बिना समस्या ठीक किए उसे ग्राहक को वापस कर दिया. इसे सेवा में कमी मानते हुए कमीशन ने ऐपल इंडिया को फोन की कीमत का 30% डेप्रिसिएशन काटकर ₹45,500 वापस करने का आदेश दिया. इस रकम पर 10 जून 2024 से भुगतान होने तक 9% सालाना ब्याज भी देना होगा. इसके अलावा मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए ₹5,000 और मुकदमे के खर्च के लिए ₹5,000 देने होंगे. ग्राहक को भुगतान के समय आईफोन ऐपल को वापस करना होगा और आदेश की कॉपी मिलने के 1 महीने के भीतर इसका पालन करना होगा.



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments