आज कल कम उम्र में लोग हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में इंस्टाग्राम पर एक 31 साल के हार्ट अटैक सर्वाइवर ने अपनी 5 मॉर्निंग हैबिट्स शेयर की हैं। जो उन्होंने अटैक और दो स्टेंट डलने के बाद अपनाई हैं।
हार्ट अटैक एक गंभीर समस्या है, लेकिन आजकल के यंग लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। बीते दिनों कई मामले ऐसे सामने आए जिनमें स्कूल के बच्चों ने हार्ट अटैक से जान गवां दी। इंस्टाग्राम पर हार्ट अटैक सर्वाइवर शौमित बिसवास को 31 साल की उम्र में हार्ट अटैक आया और उन्हें दो स्टेंट भी ड़ले। जिसके बाद उनके हर दिन की शुरुआत करने का तरीका बदल गया। अटैक के बाद उन्होंने 5 मॉर्निंग हैबिट्स को अपनाया जिससे उन्हें ओवरऑल हेल्थ सुधार ने में मदद मिली।
1) नींद से जुड़ी है सुबह की अच्छी शुरुआत
एक अच्छी सुबह असल में पिछली रात से ही शुरू हो जाती है।हार्ट अटैक सर्वाइवर ने बताया कि वह सुबह 6 बजे उठते हैं और रात में 10 बजे तक बिस्तर पर जाने की पूरी कोशिश करते हैं। इस टाइम गैप में सोने से उनके शरीर को लगभग 8 घंटे मिल जाते हैं जो बॉडी रिकवरी, एनर्जी और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए काफी हैं।
2) शरीर को एक्टिव रखें
सुबह की शुरुआत बहुत ज्यादा भागदौड़ वाली नहीं होनी चाहिए। सुबह की धीमी शुरुआत के बाद शरीर को एक्टिव रखें। वह अपने रूटीन में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, स्ट्रेचिंग और प्लायोमेट्रिक्स शामिल करते हैं क्योंकि मसल्स, मोबिलिटी और फिटनेस बनाए रखना हेल्दी एजिंग का एक जरूरी हिस्सा है। वह मानते हैं कि बस 45 मिनट की सोच-समझकर की गई एक्टिविटी काफी होती है।
3) धीरे शुरुआत करें और स्ट्रेस न लें
हार्ट अटैक सर्वाइवर शौमित कहते हैं कि वह उठते ही तुरंत काम में नहीं लगते। वह उठकर कुछ मिनट गहरी सांस लेते हैं, माइंडफुलनेस प्रेक्टिस करते हैं और दिन की आराम से शुरुआत करते हैं। इससे उन्हें शांत मन से दिन शुरू करने में मदद मिलती है। दिन भर के कामों का बोझ डालने से पहले वह अपने नर्वस सिस्टम को धीमी शुरुआत देना पसंद करते हैं।
4) शरीर को सही पोषण दें
उनकी दिनभर की पहली मील प्रोटीन और फाइबर पर आधारित होती है। जब आप सुबह की मील में प्रोटीन और फाइबर को शामिल करते हैं तो आपको दिन भर पेट भरा हुआ महसूस होता है, पोषण पाने और खाने की बेहतर आदतें बनाए रखने में भी मदद मिलती है। वहीं अच्छी शुरुआत से एक मजबूत मोमेंटम मिलता है और दिन भर अपने फिटनेस लक्ष्यों पर टिके रहने की संभावना बढ़ जाती है।
5) अपने शरीर की सुनें
जरूरी नहीं की हर दिन एक जैसा हो। अगर किसी दिन आपको ज्यादा थकान या स्लीपी फील हो तो खुद से जबरदस्ती करने के बजाय अपने दिन के प्लान में बदलाव करें। अपने शरीर की असल जरूरतों को सुनकर उसके हिसाब से काम करें।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। ये किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।

