दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने गुरुवार को अनुव्रत भवन में ‘रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस’ (RAMP) योजना के तहत आयोजित ‘मेगा कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली सरकार के दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) ने किया। इसमें 200 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों ने भाग लिया। उद्योग मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। कारोबार का डिजिटल होना विकल्प नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षमता निर्माण कार्यक्रम ‘4-पी रिफॉर्म’ यानी पॉलिसी, प्रोसेस, परफॉर्मेंस और पार्टनरशिप की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य एमएसएमई को आधुनिक कौशल, तकनीक, वित्त और नए बाजारों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में कारोबार का डिजिटल होना अब विकल्प नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी है। 30 हजार एमएसएमई को प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र की RAMP योजना के तहत दिल्ली के लिए 49.74 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके माध्यम से जनवरी 2027 तक 30 हजार से अधिक एमएसएमई को आधुनिक कौशल और प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। वहीं, 10 हजार से अधिक कारोबारों को GEM और ONDC जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर बड़े बाजार तक पहुंच दिलाई जाएगी। बिना गारंटी 10 करोड़ तक ऋण की सुविधा रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली क्रेडिट गारंटी योजना के तहत पात्र छोटे उद्यमों को बिना गारंटी 10 करोड़ रुपए तक ऋण उपलब्ध कराने में मदद की जा रही है। सरकार इस पर 95% तक क्रेडिट गारंटी देती है। 1 फरवरी 2026 के बाद चालू वित्त वर्ष में 10,505 गारंटियों के जरिए 4,806 करोड़ रुपए की गारंटी मंजूर की जा चुकी है। बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही सरकार उद्योग मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। करीब 500 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के टेंडर जारी हो चुके हैं, जबकि 700 करोड़ रुपए के कार्य पाइपलाइन में हैं। औद्योगिक संपत्तियों को फ्रीहोल्ड अधिकार देने की नीति पर भी काम चल रहा है।
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