Saturday, August 22, 2026
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मॉरीशस की जरूरत का सारा पेट्रोल-डीजल और एटीएफ सप्लाई करेगी भारत की कंपनी


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India-Mauritius Pact : भारत और मॉरिशस के बीच ईंधन सुरक्षा को लेकर हाल में एक करार हुआ है. इस एग्रीमेंट के तहत इंडियन ऑयल ने मॉरिशस की जरूरत का सारा तेल सप्लाई करने का वादा किया है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने मॉरिशस दौरे पर इस करार को अंतिम रूप दिया है. इस करार के तहत इंडियन ऑयल मॉरिशस की जरूरत का सारा तेल सप्लाई करेगा.

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मॉरिशस अपनी जरूरत का सारा ईंधन भारत से खरीदेगा.

नई दिल्ली. भारत अपनी जरूरत का तेल भले ही दुनियाभर के 40 देशों से आयात करता है, लेकिन इस कच्चे तेल को साफ कर बनाए पेट्रोल-डीजल की सप्लाई वापस दर्जनों देशों को की जाती है. बात चाहे पड़ोसी देश नेपाल, बांग्लादेश की हो या दूरदराज में स्थित यूरोपीय देशों की, भारतीय तेल कंपनियां इन सभी को लाखों बैरल पेट्रोल-डीजल की सप्लाई हर साल करती हैं. इस लिस्ट में अब एक और नया नाम शामिल होने जा रहा मॉरिशस का. इस आईलैंड देश को पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन की सप्लाई का काम भारत की ही एक कंपनी को मिला है.

भारत और मॉरिशस ने ईंधन की सप्लाई को लेकर 5 साल का एग्रीमेंट किया है. इस करार के तहत भारत की सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल मॉरिशस की जरूरत का सारा पेट्रोल-डीजल और हवाई ईंधन अगले 5 साल तक सप्लाई करेगी. इस करार को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है. यह करार पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मॉरिशस दौरे पर पूरा किया गया. करार में दोनों देशों के बीच ईंधन सुरक्षा, तेल और गैस की सप्लाई सहित इसके प्रशिक्षण और क्षमता बढ़ाने के तरीकों पर काम करने को लेकर भी कई शर्तें शामिल हैं.

एशिया में बढ़ रहा भारत का दबदबा
इंडियन ऑयल और मॉरिशस के बीच लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट के तहत भारतीय कंपनी ने इस देश को गारंटीड तेल सप्लाई को वादा किया है. कंपनी ने कहा है कि इस पर तेल की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ेगा. यह हाल फिलहाल के वर्ष में किसी भी सरकारी कंपनी की ओर से किया गया दक्षिण एशिया में पहला कोई करार है. इंडियन ऑयल ने इस करार के तहत मॉरिशस की जरूरत का सारा पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन सप्लाई करने का वादा किया है.

भारत में कितना तेल रिफाइन
भारत दुनिया के बड़े रिफाइनिंग हब में शामिल हो रहा है. भारत की 23 रिफाइनरीज मिलकर हर साल करीब 26.70 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पाद तैयार करती हैं. यही वजह है कि 85 फीसदी कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करने वाला हमारा देश पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. भारत से अभी नेपाल और भूटान सहित तमाम देशों को पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया जाता है. सरकार का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में तेल का संकट होने के बावजूद भारत ने नेपाल और भूटान को सप्लाई में कमी नहीं आने दी. ऐसा ही करार अब मॉरिशस के साथ भी किया गया है.

समंदर के किनारे बंकर बनाने की तैयारी
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मॉरिशस के साथ मिलकर समंदर किनारे बंकर बनाने की भी तैयारी कर ली है. दोनों देशों के बीच 27,500 टन की स्टोरेज क्षमता वाला मरीन बंकर बनाने को लेकर करार हुआ है. दोनों देशों के बीच हुए इस करार ने भारत का रुतबा और पकड़ एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ाने का काम किया है. इस करार के साथ ही इंडियन ऑयल को भी अपनी कमाई बढ़ाने का मौका मिला है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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