Monday, August 24, 2026
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गिफ्ट निफ्टी में हल्की तेजी, लेकिन ईरान संकट बढ़ा सकता है उतार-चढ़ाव


भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार की शुरुआत हल्की मजबूती के संकेतों के साथ हो रही है. गिफ्ट निफ्टी करीब 68 अंक चढ़कर 24,354 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है. हालांकि, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. अमेरिका की ओर से ईरान पर नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान होने की उम्मीद है. ईरान ने भी अपने तेल निर्यात को रोकने की चेतावनी दी है. ऐसे में निवेशकों की नजर इसपर रह सकती है.

दूसरी ओर, शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए. डाउ जोन्स में 0.98% की तेजी रही, जबकि नैस्डैक और S&P 500 करीब 0.43% चढ़े. हालांकि, एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है. कोस्पी 1.61% नीचे है, जबकि निक्कई में मामूली 0.02% की गिरावट है. ताइवान इंडेक्स लगभग फ्लैट है. कच्चे तेल की कीमतों में भी करीब 2% की गिरावट आई है. ब्रेंट 92.35 डॉलर और NYMEX क्रूड करीब 85 डॉलर प्रति बैरल पर है.

ईरान-अमेरिका तनाव पर सबसे ज्यादा नजर

इस हफ्ते बाजार के लिए सबसे बड़ा मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव रहेगा. अमेरिका सोमवार को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा कर सकता है. अमेरिकी अधिकारियों की ओर से पहले ही संकेत दिए गए हैं कि प्रतिबंध काफी सख्त हो सकते हैं.

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर सोमवार को ईरान का दौरा करने वाले हैं. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है. अगर तनाव और बढ़ता है तो इसका असर कच्चे तेल, महंगाई और दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है.

बॉन्ड यील्ड और रुपये की चाल भी अहम

निवेशक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर भी नजर रखेंगे. पिछले हफ्ते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी हुई और 30 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 2007 के बाद के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई. यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार पर दबाव आ सकता है, क्योंकि इससे कंपनियों और सरकार के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है.

रुपये की चाल भी बाजार के लिए अहम होगी. शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले सिर्फ 3 पैसे मजबूत होकर 95.71 पर बंद हुआ. हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है. कमजोर रुपया भारत के लिए आयात महंगा कर सकता है और महंगाई बढ़ने का रिस्क पैदा कर सकता है.

अमेरिका और भारत के आर्थिक आंकड़े देंगे संकेत

इस हफ्ते कई अहम आर्थिक आंकड़े भी जारी होंगे. अमेरिका में GDP, और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस के आंकड़े आएंगे. इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और आगे ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व के रुख का अंदाजा मिलेगा.

भारत में जुलाई के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन के आंकड़े, 21 अगस्त तक के फॉरेन करेंसी रिजर्व और 15 अगस्त तक बैंकों के कर्ज व जमा से जुड़े आंकड़े जारी होंगे. इन आंकड़ों से घरेलू इकोनॉमी की रफ्तार का संकेत मिलेगा.



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