Friday, August 28, 2026
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अलीगढ़ में रक्षाबंधन पर जेल पहुंचीं बहनें: भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र, सलामती के लिए की प्रार्थना – Aligarh News




जेल की ऊंची दीवारें और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था शुक्रवार को भाई-बहन के स्नेह के सामने फीकी नजर आई। रक्षाबंधन पर जिला कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। किसी ने भाई के माथे पर तिलक लगाया तो किसी ने कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना की। लंबे समय बाद भाई को सामने देखकर कई बहनों की आंखें भर आईं। भाई भी भावुक हो गए। बहनों ने भाइयों से कहा कि जेल से बाहर आने के बाद अपराध की राह छोड़कर परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू करें। भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि वह खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। 200 से 300 महिलाओं के समूह में कराई मुलाकात रक्षाबंधन को लेकर जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जेल के मुख्य द्वार पर पहुंचने वाली सभी महिलाओं की जांच की गई। इसके बाद बैरिकेडिंग के बीच उन्हें जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। एक बार में करीब 200 से 300 महिलाओं के समूह को पार्क में ले जाकर उनके भाइयों से मुलाकात कराई गई। भाई-बहनों ने साथ बैठकर रक्षाबंधन मनाया। इस दौरान कई बहनें भाइयों से लिपटकर रो पड़ीं। भाइयों की आंखों में भी आंसू आ गए। मुस्लिम बहनों ने भी भाइयों को बांधी राखी रक्षाबंधन पर जेल में सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीर भी देखने को मिली। कई मुस्लिम महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। उन्होंने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और पर्व की खुशियां साझा कीं। वहीं महिला जेल में बंद बहनों से राखी बंधवाने के लिए उनके भाई भी पहुंचे। बहनों को सामने देखकर भाई भावुक हो गए। उन्होंने बहनों का हौसला बढ़ाते हुए हर परिस्थिति में मजबूत रहने का भरोसा दिया। बच्चों के साथ पहुंचीं महिलाएं कई महिलाएं अपने बच्चों को भी साथ लेकर जेल पहुंचीं। सुरक्षा जांच के बाद बच्चों को भी परिसर में प्रवेश दिया गया। बच्चों और उनके परिजनों के बीच भी मुलाकात के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले। बाहर से मिठाई ले जाने पर रोक जेल प्रशासन ने सुरक्षा के चलते बाहर से मिठाई और खाने-पीने का सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी। घेवर समेत किसी भी खाद्य सामग्री को मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया। बंदियों और उनके परिजनों के लिए जेल परिसर में ही मिठाई और अन्य खाने-पीने की व्यवस्था कराई गई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन पर सुबह से ही बहनों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। सुरक्षा को देखते हुए मुख्य गेट से लेकर जेल परिसर तक बैरिकेडिंग की गई थी। सभी मुलाकातियों की जांच के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया।



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