Last Updated:
Rail Madad System Upgrade : भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों को चलती ट्रेन में जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिकायतों के निवारण के लिए नया सिस्टम बनाने का ऐलान किया है. करीब 7 साल पहले शुरू किए गए रेल मदद सिस्टम को अब अपग्रेड किया जा रहा है और शिकायतों को सीधे चलती ट्रेन में तैनात स्टाफ तक पहुंचाया जा सकेगा.
रेलवे चलती ट्रेन में समस्याओं के निस्तारण के लिए रेल मदद सिस्टम को अपग्रेड कर रही है.
नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों को चलती ट्रेन में ही मदद पहुंचाने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. इंडियन रेलवे ‘रेल मदद’ ऐप के जरिये की गई शिकायतों को सुलझाने में और तेजी लाने पर काम कर रहा है. इसके लिए नया सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जो यात्रियों की शिकायत को उसी ट्रेन में तैनात स्टाफ तक पहुंचाएगा और उसका निवारण जल्द किया जा सकेगा. शिकायतों के निवारण में तेजी लाने के लिए ही पुरानी व्यवस्था के साथ नया सिस्टम भी जोड़ा जा रहा है.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, नए सिस्टम के तहत यह पक्का किया जा रहा है कि यात्रियों की शिकायतें सीधे उस ट्रेन में तैनात स्टाफ तक पहुंचें और उनका समाधान जल्द किया जा सके. इसके लिए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे से कहा है कि वे CMM/रेल केयर सिस्टम में एस्कॉर्टिंग स्टाफ की जानकारी अपडेट रखें. इससे ‘रेल मदद’ के जरिये मिली शिकायतों को ‘कोच मित्र’ सिस्टम के माध्यम से संबंधित स्टाफ तक भेजा जा सकेगा.
कैसे काम करेगा नया सिस्टम
साल 2019 में शुरू हुए ‘रेल मदद’ सुविधा के जरिए यात्री कई तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं और मदद मांग सकते हैं. इसके लिए रेलवे ने 139 हेल्पलाइन, वेबसाइट, मोबाइल ऐप और SMS जैसी सुविधाएं शुरू की हैं. यूज़र अपनी शिकायतों पर की गई कार्रवाई के बारे में फीडबैक भी दे सकते हैं. प्रस्तावित सिस्टम के तहत हर ट्रिप के लिए किसी खास ट्रेन और कोच में तैनात स्टाफ की जानकारी CMM/रेल केयर सिस्टम में दर्ज की जाएगी. एक बार जानकारी उपलब्ध हो जाने पर ‘कोच मित्र’ के जरिये शिकायतों को संबंधित स्टाफ तक पहुंचाया जा सकेगा.
क्या होगा इस नए सिस्टम का फायदा
नया सिस्टम लागू होने के बाद चलती ट्रेन में स्टाफ यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई कर सकेगा, बजाय इसके कि वे शिकायतों के कई स्तरों से गुजरने का इंतजार करें. पुराने सिस्टम में रेलवे बोर्ड ने पाया कि ‘रेल मदद’ की कुछ शिकायतें तय समय-सीमा के भीतर एस्कॉर्टिंग स्टाफ तक नहीं पहुंच रही थी, जिससे उनके निवारण में भी ज्यादा समय लगता है. अभी स्टाफ की जानकारी नहीं होने से यात्रियों की शिकायतें पहले डिविजनल कंट्रोल को भेजी जाती हैं, जो ट्रेन में मौजूद स्टाफ से संपर्क करता है. इस वजह से मामले के निपटारे में देरी होती है. यही वजह है कि हर जोनल रेलवे को ट्रेन में चलने वाले स्टाफ की जानकारी अपडेट करने के लिए कहा गया है.
सिस्टम में कौन-कौन से कर्मचारी शामिल होंगे
रेलवे के इस नए सिस्टम में ट्रेनों में काम करने वाले कई कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा. इसमें ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (OBHS) स्टाफ, लिनन बांटने वाले कर्मचारी, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल एस्कॉर्टिंग टीम, TTE और TE, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के जवान और IRCTC मैनेजर शामिल होंगे. इस तरीके से यात्रियों की किसी भी शिकायत पर तत्काल काम किया जा सकेगा.
यात्रियों को कैसे मिलेगा इसका लाभ
रेलवे के इस प्रस्तावित बदलाव से शिकायत होने के बाद इधर-उधर से अप्रूवल आने में समय बर्बाद नहीं होगा. इससे ‘रेल मदद’ और भी असरदार हो सकती है. शिकायत के ‘रेल मदद’ से कंट्रोल ऑफिस और फिर ट्रेन स्टाफ तक पहुंचने के बजाय इसे डिजिटल सिस्टम के जरिये सीधे संबंधित स्टाफ तक भेजा जा सकेगा. यात्रियों के लिए इसका मतलब यह हो सकता है कि ट्रेन में सफर के दौरान ही हाउसकीपिंग, लिनन, बिजली या मैकेनिकल समस्याओं और ट्रेन में होने वाली अन्य शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई हो सकेगी.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
और पढ़ें

