Saturday, September 12, 2026
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क्या मिर्जापुर फिल्म में महाराणा प्रताप का अपमान किया?: ‘शूरवीर’ गाने पर पूर्व राजपरिवार ने जताया एतराज, सिंगर ने उठाए सवाल, जानें-ऐसा क्या है गाने में? – Rajasthan News




वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का नाम राजस्थान में सिर्फ इतिहास नहीं, भावना है। नई पीढ़ी के लिए भी उनका शौर्य और स्वाभिमान किसी किताब तक सीमित नहीं है। उन्हीं महाराणा प्रताप को समर्पित ‘शूरवीर’ गाना, जब फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के क्लाइमैक्स सीन के बीच बजा तो राजस्थान में सवाल उठने लगे। गाने के रैपर ने आपत्ति जताई, मामला कॉपीराइट तक पहुंचा। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ और मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार ने भी आपत्ति जताई। अब करणी सेना ने फिल्म मेकर्स को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। आखिर एक गाने के इस्तेमाल पर इतना बड़ा विवाद क्यों खड़ा हो गया? आखिर क्लाइमैक्स के उस सीन में ऐसा क्या था, जिसने वीर महाराणा प्रताप को अपना आदर्श मानने वाले युवाओं की भावनाओं को आहत कर दिया। यही जानेंगे आज के राजस्थान एक्सप्लेनर में… सवाल – 1: फिल्म के ‘शूरवीर’ गाने में विवाद किस बात पर है?
जवाब: फिल्म के शुरुआती हिस्से के एक एक्शन सीक्वेंस में ‘शूरवीर’ गाना बजता है। इस दौरान मिर्जापुर के गैंगस्टर किरदारों से जुड़ा हिंसक दृश्य नजर आता है। यही सीन विवाद की मुख्य वजह बना हुआ है। फिल्म में हिंसक और गैंगस्टर किरदारों से जुड़े दृश्यों के बीच राजस्थान के रैप सिंगर रैपरिया बालम के ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल पर विरोध शुरू हो गया है। ‘शूरवीर’ गीत को रैपरिया बालम ने बनाया और गाया है। इस गाने में महाराणा प्रताप के शौर्य और चेतक से जुड़े संदर्भ हैं। बालम का कहना है कि यह गीत उन्होंने महाराणा प्रताप की वीरता, उनके शौर्य को नई पीढ़ी से अवगत कराने और जोड़ने के लिए बनाया था। उनकी दो स्तर पर आपत्ति है- एक, गीत के इस्तेमाल के लिए उनसे अनुमति नहीं ली गई। दूसरी, इसे गैंगस्टर किरदारों के साथ इस्तेमाल करना उन्हें गाने की भावना के विपरीत लगता है।
सवाल – 2: विवाद की शुरुआत कैसे हुई और क्या लाइसेंस लिया था?
जवाब: फिल्म के रिलीज होने के बाद रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जताई। कहा- मिर्जापुर की टीम ने उनसे इस गाने को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं ली। अगर टीम को गाना पसंद था तो उनसे सीधे संपर्क क्यों नहीं किया गया? बालम ने कहा- ये सॉन्ग महाराणा प्रताप को समर्पित है और फिल्म में इसे खलनायक/गैंगस्टर किरदारों के साथ इस्तेमाल करना कतई स्वीकार नहीं है। बालम के आरोप के बाद म्यूजिक लेबल कंपनी ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। लेबल का कहना है कि ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। बालम ने कहा कि गीत के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग अधिकार उनके पास हैं। पूरा साउंड रिकॉर्डिंग, गीत, संगीत और वोकल उनके नाम पर रजिस्टर्ड हैं। उनका आरोप है कि लेबल केवल डिस्ट्रीब्यूटर की भूमिका में था और उनकी अनुमति के बिना लाइसेंस नहीं दिया जा सकता था। कॉपीराइट विवाद में दोनों पक्षों का दावा रैपरिया बालम: मेरे पास गीत के अधिकार हैं, मेरी अनुमति नहीं ली गई। ट्रूपर रिकॉर्ड्स: गीत को एक्सेल एंटरटेनमेंट को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए आधिकारिक लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट: कंपनी की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 8 सितंबर: रैपरिया बालम ने ली कानूनी राह विवाद बढ़ने के बाद बालम ने एक्सेल एंटरटेनमेंट को कानूनी नोटिस भेजने की बात कही। नोटिस में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं- फिल्म से ‘शूरवीर’ गाना हटाया जाए। सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए। महाराणा प्रताप के नाम पर एक स्कूल बनाया जाए, जहां बच्चों को ऐतिहासिक महापुरुषों के बारे में पढ़ाया जाए। 9 सितंबर: गाने को फिल्म से हटाने की मांग राजस्थान के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इस मामले को उठाया। उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC को पत्र लिखकर ‘शूरवीर’ को फिल्म से हटाने की मांग की। राठौड़ का कहना रहा कि, महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और त्याग को समर्पित गाने को गैंगस्टर और आपराधिक किरदारों के दृश्यों के साथ जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐतिहासिक महापुरुषों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रतीकों का ऐसा इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों। 10 सितंबर: महाराणा प्रताप के वंशजों ने भी जताया ऐतराज विवाद में मेवाड़ के पूर्व राजघराने से जुड़े और महाराणा प्रताप के वंशज भाजपा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ भी सामने आए। उन्होंने फिल्म में गाने के इस्तेमाल को लेकर CBFC से सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि ऐतिहासिक व्यक्तित्व से जुड़े गाने का इस तरह इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी फिल्म में ‘शूरवीर’ के चित्रण को लेकर सवाल उठाया। सवाल -3 : करणी सेना ने क्या अल्टीमेटम दिया?
जवाब: श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने फिल्म मेकर्स को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। महिपाल सिंह मकराना ने फिल्म में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल पर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना रहा कि महाराणा प्रताप जैसे वीर महापुरुष को समर्पित गीत को गैंगस्टर और अपराध से जुड़े सीन के साथ जोड़ना कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। करणी सेना ने साफ कहा है कि फिल्म से विवादित हिस्सा नहीं हटाया गया तो 24 घंटे बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा और इस फिल्म का प्रदर्शन रुकवाया जाएगा। उसी तरह का उग्र विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा, जैसा फिल्म ‘पद्मावत’ और ‘जोधा अकबर’ का हुआ था।
सवाल – 4 : आखिर ‘शूरवीर’ गीत इतना अहम क्यों है?
जवाब: ‘शूरवीर’ रैपरिया बालम का गीत है। जिसे उन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य को केंद्र में रखकर तैयार किया। गीत में महाराणा प्रताप और चेतक से जुड़े वीरता के संदर्भ हैं। बालम का कहना है – मेरे ‘शूरवीर’ प्रोजेक्ट का मकसद नई पीढ़ी को भारतीय इतिहास और वीर योद्धाओं से जोड़ना रहा है। बालम और विरोध कर रहे संगठनों की आपत्ति सिर्फ यह नहीं है कि गाना फिल्म में इस्तेमाल हुआ। मुख्य सवाल यह है कि गाने को किस संदर्भ और किन किरदारों के साथ इस्तेमाल किया गया। सवाल – 5: क्या फिल्म में महाराणा प्रताप का कोई किरदार है?
जवाब: फिल्म में महाराणा प्रताप का कोई किरदार नहीं है। लेकिन विवाद फिल्म में इस गाने के बैकग्राउंड में इस्तेमाल को लेकर है। फिल्म में यह गाना उस एक्शन सीक्वेंस में बजता है जिसमें मिर्जापुर के गैंगस्टर किरदार, खासकर मुन्ना त्रिपाठी से जुड़ा दृश्य दिखाया गया है। विरोध करने वालों का तर्क है कि गाने का संदर्भ महाराणा प्रताप की वीरता है, इसलिए उसे अपराध और गैंगवार के दृश्य में लगाना उसके मूल अर्थ और उसके पीछे के भावों को बदल देता है। वहीं, फिल्म निर्माताओं की ओर से इस संबंध में सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। अभी तक सेंसर बोर्ड की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से राजस्थान में इस सॉन्ग को लेकर बवाल जरूर तेज होता जा रहा है। सवाल – 6: क्या इससे पहले भी फिल्मों को लेकर ऐसे विवाद हो चुके हैं?
जवाब: जी हां। राजस्थान में फिल्मों को लेकर सबसे बड़ा विवाद संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर हुआ था। 2017-18 में राजपूत संगठनों ने फिल्म के ऐतिहासिक चित्रण पर आपत्ति जताई थी। विरोध के बाद फिल्म का नाम ‘पद्मावती’ से ‘पद्मावत’ किया गया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट ने राज्यों को फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने से मना किया। इससे पहले ‘जोधा अकबर’ और फिल्म ‘मणिकर्णिका’ को लेकर भी राजस्थान में विरोध हुआ था। विवाद मुख्य रूप से फिल्म में ऐतिहासिक पात्रों को लेकर था।



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