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New RRTS Corridors : भारत पहला रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन चल रही है. दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस रूट पर इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन को खूब पसंद किया जा रहा है. अब सरकार दिल्ली-करनाल और दिल्ली बावल रूट पर भी नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी में है.
इन रूट्स पर जमीन पर यूटिलिटी मैपिंग और पाइपलाइन-पावर लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू हो चुका है.
नई दिल्ली. दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर की सफलता के बाद अब एनसीआर के दो और रूटों पर नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी है. इन दो रूट से हरियाणा के औद्योगिक और शैक्षणिक हब को जोड़ा जाएगा. नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) दिल्ली-करनाल और दिल्ली-बावल कॉरिडोर्स के लए केंद्र सरकार से औपचारिक कैबिनेट मंजूरी पाने के अंतिम चरण में हैं. मंजूरी से पहले ही जमीन पर यूटिलिटी मैपिंग और पाइपलाइन-पावर लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू हो चुका है. ये दोनों रूट चालू होने पर दिल्ली से करनाल केवल 90 मिनट में और बावल 65 मिनट में पहुंचा जा सकेगा.
वर्तमान में दिल्ली से करनाल जाने में सड़क मार्ग से करीब तीन घंटे लगते हैं. वहीं दूसरी ओर, दिल्ली-गुरुग्राम-बावल कॉरिडोर के शुरू होते ही बावल तक का 3 घंटे का सफर सिमटकर महज करीब 67 मिनट का रह जाएगा. इससे रोजाना नौकरी, बिजनेस और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली आने-जाने वाले हजारों लोगों के हर दिन 2 से 3 घंटे बचेंगे.
दिल्ली-पानीपत आरआरटीएस रूट
दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर हरियाणा के सबसे बड़े एजुकेशन और इंडस्ट्रियल क्लस्टर को दिल्ली से सीधे जोड़ेगा. इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को इन प्रमुख केंद्रों की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे कुंडली (सोनीपत) की एजुकेशन सिटी और बड़े आवासीय क्लस्टर से सीधा जुड़ाव होगा. प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र के कामगारों और व्यापारियों के लिए आसान आवाजाही हो जाएगी. टेक्सटाइल सिटी पानीपत और देश की बड़ी रिफाइनरी तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा.
दिल्ली-गुरुग्राम-बावल नमो भारत रूट
दिल्ली बावल कॉरिडोर देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट को राजधानी के साथ जोड़ेगा. इसके बन जाने से दिल्ली एयरपोर्ट (IGI) नमो भारत नेटवर्क से जुड़ जाएगा. गुरुग्राम और मानेसर जैसे देश् के प्रमुख आईटी और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब सीधे हाई-स्पीड रेल से जुड़ेंगे. मानेसर-बावल इन्वेस्टमेंट रीजन और दक्षिणी हरियाणा के सबसे बड़े औद्योगिक गलियारे हैं.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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