पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से टकराया है। घटना कब की है यह जानकारी नहीं दी गई है। इससे पहले 2011 में भी भारत-पाकिस्तान के जहाजों में टक्कर हुई थी। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। दूसरी तरफ से पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और गलत तरीके से दिशा बदली। दोनों टकरा गए। घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, टक्कर में शामिल पाकिस्तानी जहाज का नाम पीएनएस हुनैन है। यारमूक क्लास का यह जहाज समुद्री निगरानी और गश्त में इस्तेमाल होता है। भारतीय नौसेना के जिस जहाज से इसकी टक्कर हुई, उसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने इस घटना को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया। दिशा बदलने के दौरान दोनों की टक्कर हुई ANI के मुताबिक, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार से भारतीय जहाज के करीब आ गया। पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया गया है। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी लगातार कम होती गई और आखिर में वे आपस में टकरा गए। टक्कर में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, अभी दोनों जहाजों के नाम और टक्कर की सही जगह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस घटना से जुड़ा यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है… खबर में आगे पाकिस्तान ने कौन-सा नियम तोड़ा और भारत ने क्या कहा, उससे पहले भास्कर नॉलेज 2011 में टकराए थे भारतीय-पाकिस्तानी जहाज भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर के बीच भी टक्कर हुई थी। टक्कर को लेकर पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारतीय जहाज ने उसके काम में रुकावट डाली और खतरनाक तरीके से जहाज चलाया। भारत ने इस आरोप को गलत बताया। भारत के मुताबिक, PNS बाबर ने INS गोदावरी को दाईं तरफ से पार करने की कोशिश की और इसी दौरान उसके हेलिकॉप्टर डेक वाले हिस्से से टकरा गया। इस दौरान हेलिकॉप्टर का जाल क्षतिग्रस्त हुआ था। भारत ने तब भी 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था। PNS बाबर, सोमालियाई समुद्री लुटेरों से छुड़ाए गए MV सुएज जहाज को सुरक्षित ले जा रहा था। यह मिस्र के मालिकाना हक वाला जहाज था। इसे सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने बंधक बना लिया था। बाद में करीब 20 लाख डॉलर से ज्यादा की फिरौती दिए जाने के बाद जहाज और उसके 22 सदस्यीय चालक दल को छोड़ा गया था। भारत ने 35 साल पुराने समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा? विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा कि वह भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि समुद्र में सभी सैन्य जहाजों को सावधानी से काम करना चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने को कहा गया है। —————————- यह खबर भी पढ़ें… मक्का में पहली बार मिसाइल अटैक का इमरजेंसी अलर्ट:हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर हमला किया
यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके बाद सऊदी अरब ने मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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